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जैसलमेर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीआईडी इंटेलिजेंस ने 11 जून को पकडे मुस्ताक को मंगलवार को जयपुर में गिरफ्तार किया मुस्ताक एक ऐसा पाकिस्तानी जासूस है, जो भारत में चाय की दुकान चलाकर भारतीय सेना की जासूसी कर रहा था। आरोपी मुस्ताक अली (26) पिछले दो साल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। वह भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर चाय बेचता था, ताकि वहां से गुजरने वाले सेना और बीएसएफ (BSF) के काफिले पर आसानी से नजर रख सके। पूछताछ में सामने आया है कि वह सेना के मूवमेंट की गोपनीय तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजकर मोटी रकम वसूल रहा था। फिलहाल, जयपुर में सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां सीमा पार भेजी हैं और इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं। 16 जून को किया था गांव से डिटेन राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सीआईडी इंटेलिजेंस राजस्थान ने मंगलवार, 16 जून को जैसलमेर के नाचना थाना इलाके के खारिया से एक पाकिस्तानी जासूस मुस्ताक अली (26) को गिरफ्तार किया है। आरोपी हिगोला की ढाणी का निवासी है। सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर उसे 11 जून को ही हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उसे जयपुर लाकर विभिन्न जांच एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कड़ी पूछताछ की। हैंडलर्स ने दिया था सेना पर नजर रखने का टास्क एडीजी (पुलिस इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्थान में सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया तंत्र पर सीआईडी इंटेलिजेंस लगातार निगरानी रख रही थी। इसी दौरान मुस्ताक अली की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जब सुरक्षा एजेंसियों ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और मोबाइल का तकनीकी विश्लेषण किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर सेना और बीएसएफ के मूवमेंट की निगरानी करने का विशेष टास्क सौंपा था। चाय की दुकान बनी जासूसी का ठिकाना इस टास्क को पूरा करने और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए मुस्ताक ने बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने जैसलमेर में बॉर्डर की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क पर एक चाय की दुकान खोल ली। आम लोगों और सैनिकों के लिए यह महज एक साधारण चाय की दुकान थी, लेकिन मुस्ताक इसकी आड़ में अपना काला कारोबार चला रहा था। जैसे ही वहां से सेना या बीएसएफ की गाड़ियां और सैनिक गुजरते, मुस्ताक चुपके से अपने मोबाइल से उनके वीडियो और फोटो बना लेता था। गोपनीय जानकारी भेजने के बदले मिलते थे पैसे पूछताछ में यह भी साफ हुआ है कि मुस्ताक पिछले दो वर्षों से देश के खिलाफ इस साजिश में शामिल था। सेना की खुफिया जानकारी, वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान भेजने के बदले पाक हैंडलर्स द्वारा उसे बकायदा मोटी रकम दी जाती थी। इन पैसों को अलग-अलग माध्यमों से उसके पास पहुंचाया जाता था। पैसों के लालच में वह लगातार देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा था। फिलहाल, जयपुर में सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां सीमा पार भेजी हैं और इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं।
जैसलमेर से पाक जासूस मुस्ताक अली गिरफ्तार:बॉर्डर से 25KM पहले खोला ढाबा; पैसों के लालच में पाक को भेजी सेना के मूवमेंट की वीडियो
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