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उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में तत्काल टिकट के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। देखने में टिकट पूरी तरह असली लग रहा था। उस पर यात्रा का पूरा विवरण, श्रेणी और पीएनआर संख्या भी दर्ज थी, लेकिन जांच में यह सामने आया कि टिकट रेलवे का अधिकृत दस्तावेज नहीं था, बल्कि नकली पीआरएस स्टेशनरी पर तैयार किया गया जाली टिकट था। उत्तर-पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया- यह मामला फलोदी पीआरएस काउंटर से जारी किए गए तत्काल टिकट से जुड़ा है। टिकट ट्रेन संख्या 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस वीकली स्पेशल में बरहनी से बांद्रा टर्मिनस तक थ्री एसी श्रेणी के लिए पीएनआर संख्या 2519682268 पर जारी दर्शाया गया था। समय और दूरी ने बढ़ाया शक जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया, जिसने पूरे मामले पर संदेह पैदा कर दिया। टिकट फलोदी पीआरएस से 16 जून को सुबह 10 बजे जारी किया गया था, जबकि यात्रा बरहनी स्टेशन से 17 जून को सुबह 7:15 बजे प्रस्तावित थी। इतनी कम अवधि में फलोदी से जारी मूल टिकट का भौतिक रूप से बरहनी स्टेशन तक पहुंचना संभव नहीं था। इसी असामान्यता के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। जैसे-जैसे सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हुआ कि टिकट पर दर्ज यात्रा विवरण रेलवे रिकॉर्ड से मेल खा रहा था, लेकिन जिस पीआरएस स्टेशनरी पर टिकट तैयार किया गया था, वह अधिकृत नहीं थी। इसका अर्थ यह निकला कि वास्तविक डेटा का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था। जांच में खुलासा और कार्रवाई मामले का खुलासा तब हुआ जब जैसलमेर के वाणिज्य निरीक्षक मानका राम परिहार ने फलोदी स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान प्रारंभिक स्टेशन की दूरी को लेकर संदेह जताया। इसके बाद विशेष सत्यापन के निर्देश दिए गए और टिकट जांच दल द्वारा विस्तृत जांच की गई। कार्रवाई के दौरान संबंधित चार यात्रियों से वैध टिकट प्रस्तुत करने को कहा गया,लेकिन वे मूल और अधिकृत टिकट प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें रेलवे नियमों के तहत कुल 9,440 रुपये की वसूली की गई। बढ़ेगी निगरानी व्यवस्था रेलवे प्रशासन ने ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी पीआरएस केंद्रों पर विशेष रजिस्टर रखा हुआ है। इसमें दूसरे स्टेशनों से शुरू होने वाले तत्काल टिकटों का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका नियमित सत्यापन भी किया जाता है जैसा इस मामले में किया गया। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें,अनधिकृत एजेंटों या दलालों से बचें,यात्रा से पहले पीएनआर और टिकट विवरण की जांच करें तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचित करें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की सतर्कता और समय पर की गई जांच से इस प्रकार की धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
ट्रेन के तत्काल टिकट के दुरुपयोग का मामला पकड़ा:रेलवे की सतर्कता से खुला फर्जी पीआरएस स्टेशनरी पर बनाया गया रिजर्वेशन टिकट प्रकरण
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