यमुना का फिर रौद्र रूप और पहाड़ चीरती दहाड़; 1 साल पहले अस्थाई झील लाई थी प्रलय; नया खतरा, Uttarakhand Hindi News

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Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मॉनसून के कहर के बीच यमुनोत्री यात्रा का प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में नया संकट फिर पैदा हो गया है। उफनती यमुना नदी खतरे का संकेत दे रही है।

द्वारिका सेमवाल, उत्तरकाशी

उत्तराखंड में मॉनसून का कहर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग ने आज 6 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। उधर, यमुनोत्री यात्रा का प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी इन दिनों चारों तरफ से प्राकृतिक आपदा के घेरे में है। एक ओर उफनती यमुना नदी खतरे का संकेत दे रही है, दूसरी ओर कुपड़ा खड्ड (घट गाड़) और डडोटी खड्ड हर बारिश में तबाही की नई कहानी लिखने को तैयार दिखाई देते हैं। ऊपर से पहाड़ों में लगातार हो रहा भूस्खलन स्थानीय लोगों की चिंता को और गहरा कर रहा है।

स्यानाचट्टी का संकट फिर मंडराया

एक साल पहले भारी मलबे और बोल्डरों ने यमुना नदी का प्रवाह रोक दिया था। स्यानाचट्टी के पास अस्थाई झील बन गई थी। इस आपदा ने कई होटलों, मकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाया। लोगों की वर्षों की मेहनत पलभर में मलबे में तब्दील हो गई।

अब नया खतरा डडोटी खड्ड से सामने आ रहा है। यहां से लगातार बहकर आने वाला मलबा और बोल्डर यमुना में जमा हो रहे हैं, जिससे नदी का तल लगातार ऊंचा होता जा रहा है। अब जलस्तर बढ़ते ही नदी का पानी और सिल्ट आसपास के होटलों की निचली मंजिलों तक पहुंचने लगा है। इस कारण हर तेज बारिश के साथ लोगों की धड़कनें तेज हो रही हैं।

इस स्थिति को और गंभीर बना रहा है यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ियों की अनियंत्रित और अवैज्ञानिक कटिंग। यहां लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण विशाल बोल्डर कई बार कस्बे तक पहुंच चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।

कर्णप्रयाग में बारिश से मकानों को क्षति

कर्णप्रयाग। शनिवार रात को हुई भारी बारिश के कारण कर्णप्रयाग के तहसील वार्ड में पुश्ता गिरने से नंदलाल और उनके छोटे भाई राधेश्याम की मकान को नुकसान पहुंचा है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस मुकेश नेगी, नगर अध्यक्ष महेश खंडूड़ी, हरीश चौहान, गजपाल सोनी, सुनील नैनवाल, मनोज टम्टा ने पीड़ित परिवार की कुशलक्षेम पूछी।

हर मॉनसून में आपदा के मुहाने पर खड़ा है इलाका

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कुपड़ा खड्ड, डडोटी खड्ड, यमुना और भूस्खलन प्रभावित पहाड़ियों के लिए वैज्ञानिक तरीके से स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनती, तब तक स्यानाचट्टी हर मानसून में आपदा के मुहाने पर खड़ा रहेगा। लोगों ने सरकार से मांग की कि यहां दीर्घकालिक योजना पर तत्काल काम शुरू करवाया जाए।

देहरादून में बारिश के बीच उमस

दून में रविवार को धूप और बारिश की लुकाछिपी के बीच लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में दिनभर धूप खिली रही। वहीं, देर शाम दून के कई इलाकों में भारी बारिश हुई।

आज 6 जिलों में येलो अलर्ट

दून का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम 24.2 डिग्री रहा। दून में 9.5 मिमी वर्षा भी रिकॉर्ड की गई। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि सोमवार के लिए देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार-ऊधमसिंहनगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

रुद्रप्रयाग में गदेरे में बहने से महिला की मौत

रुद्रप्रयाग। रविवार को जखोली विकासखंड के ग्राम स्वारा के नामी तोक क्षेत्र में घास लेने गई एक महिला की गदेरे में बहने से मौत हो गई। जल पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से महिला का शव बरामद कर पुलिस को अग्रिम कार्रवाई के लिए सौंप दिया।

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