India-UK Free Trade Agreement to Come Into Force on July 15, 2026

Actionpunjab
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14 घंटे पहले

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अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित सेंट्रल पार्क में घोड़ा-गाड़ी दुर्घटना में 18 वर्षीय भारतीय पर्यटक रोमांच महाजन की मौत हो गई। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे घोड़ा अचानक बेकाबू होकर दौड़ पड़ा, जिससे गाड़ी पलट गई और युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोमांच महाजन तीन अन्य यात्रियों के साथ घोड़ा-गाड़ी में सवार थे। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन (TWU) के अनुसार, गाड़ी चालक यात्रियों की तस्वीर लेने के लिए कुछ देर के लिए गाड़ी से दूर गया था। इसी दौरान घोड़ा बेकाबू होकर दौड़ पड़ा।

हादसे के दौरान दो यात्रियों ने चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। रोमांच गाड़ी से गिर गए और उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अन्य यात्रियों ने उपचार लेने से इनकार कर दिया।

घटना के बाद सेंट्रल पार्क की घोड़ा-गाड़ी व्यवस्था पर फिर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में एक अन्य घोड़ा काम के दौरान गिरकर मर गया था। सेंट्रल पार्क कंजर्वेंसी ने इस हादसे को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए घोड़ा-गाड़ी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने और ‘राइडर्स लॉ’ को लागू करने की मांग की है।

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भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू, G7 में मोदी- स्टार्मर ने इसकी घोषणा की

भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों नेताओं की फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी। यानी कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए 28 दिन मिलेंगे। पीएम मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

भारतीय कपड़े, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा। भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में काम के दौरान दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान से राहत मिलेगी। यह राहत 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने तक होगी। भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटकर 40% होगा। ऑटोमोबाइल पर शुल्क कोटा के तहत 100% से घटकर 10% होगा।

टेक्सास में हाईवे पर क्रैश हुआ प्राइवेट जेट, 1 की मौत 5 घायल

अमेरिका के टेक्सास में एक प्राइवेट जेट इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हाईवे पर क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार 6 लोगों में से एक की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य घायल हो गए। हालांकि, हाईवे पर मौजूद किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, NetJets Cessna 680 Citation Latitude विमान मैक्सिको के लॉस काबोस से ऑस्टिन (टेक्सास) जा रहा था। उड़ान के दौरान आपात स्थिति घोषित किए जाने के बाद विमान को लारेडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया था। हादसा विमान की लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट से करीब 4 किलोमीटर दक्षिण में हुआ। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

ऑस्ट्रेलियाई द्वीपों पर बर्ड फ्लू का कहर: 75% से ज्यादा बेबी सील्स की मौत

ऑस्ट्रेलिया के दूरदराज स्थित हर्ड और मैकडोनाल्ड द्वीपसमूह में H5N1 बर्ड फ्लू ने वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंचाया है। एक नए अध्ययन के अनुसार, दक्षिणी एलिफेंट सील के 17 हजार से ज्यादा बच्चों में से 13 हजार से अधिक की मौत हो चुकी है, जबकि किंग और जेंटू पेंगुइनों में भी सामान्य से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।

शोध के मुताबिक, हर्ड द्वीप पर दक्षिणी एलिफेंट सील के 17,364 बच्चों में से 13,359 की मौत हो चुकी है। यह कुल आबादी का 75% से अधिक हिस्सा है। कुछ इलाकों में मृत्यु दर 97% तक दर्ज की गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि अंतिम सर्वेक्षण के दौरान भी सील के बच्चे मर रहे थे।

वैज्ञानिकों ने अक्टूबर और जनवरी में ड्रोन सर्वे तथा जमीनी निरीक्षण के दौरान नौ प्रजातियों के नमूने जुटाए। इनमें से छह प्रजातियों में H5N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। प्रभावित प्रजातियों में दक्षिणी एलिफेंट सील, किंग पेंगुइन, जेंटू पेंगुइन और अंटार्कटिक फर सील शामिल हैं।

अध्ययन में कई सौ वयस्क किंग पेंगुइनों की मौत भी दर्ज की गई। हालांकि यह उनकी कुल आबादी का छोटा हिस्सा है, लेकिन सामान्य वर्षों की तुलना में यह संख्या अधिक है।

अध्ययन की प्रमुख लेखक डॉ. जूली मैकिन्स ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के बाहरी क्षेत्र में H5N1 का यह पहला मामला है।

स्टोनहेंज से 5 किमी दूर मिला उसका ‘सरल रूप’: 5,000 साल पुरानी संरचना सूर्य की दिशा से जुड़ी थी

ब्रिटेन के प्रसिद्ध स्टोनहेंज स्मारक से करीब 5 किलोमीटर दूर पुरातत्वविदों को एक 5,000 साल पुरानी संरचना के अवशेष मिले हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह स्टोनहेंज का शुरुआती और बेहद सरल रूप हो सकता है, जो ग्रीष्मकालीन सूर्योदय और शीतकालीन सूर्यास्त के दौरान सूर्य की दिशा के अनुरूप बनाया गया था।

बुलफोर्ड गांव में मिली इस संरचना में पत्थरों की जगह केवल दो बड़े लकड़ी के खंभे थे। हालांकि लकड़ी समय के साथ नष्ट हो चुकी है, लेकिन जमीन में मौजूद गड्ढों से उनकी स्थिति का पता चला। दोनों खंभे करीब 120 मीटर की दूरी पर स्थित थे और उनकी अनुमानित ऊंचाई 2 से 4 मीटर थी।

खुदाई का नेतृत्व करने वाले पुरातत्वविद फिल हार्डिंग ने बताया कि रेडियोकार्बन डेटिंग से पता चला कि यह संरचना लगभग 5,000 वर्ष पुरानी है। यह स्टोनहेंज के पत्थर लगाए जाने से करीब 500 वर्ष पहले की है। विशेषज्ञों का मानना है कि संभव है स्टोनहेंज के शुरुआती निर्माण से जुड़े लोग इसी क्षेत्र में रहते या एकत्रित होते रहे हों।

खुदाई के दौरान सजावटी मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, चकमक पत्थर के औजार, जानवरों की हड्डियां और एक दुर्लभ डिस्क आकार का नवपाषाणकालीन चाकू भी मिला है।

फिनलैंड ने हटाई परमाणु हथियारों पर रोक: NATO न्यूक्लियर तैनाती का रास्ता खुला

फिनलैंड की संसद ने देश में परमाणु हथियारों के आयात, ट्रांजिट और भंडारण पर लगी लंबे समय से चली आ रही रोक को समाप्त कर दिया है। सरकार का कहना है कि इससे फिनलैंड और NATO की सुरक्षा मजबूत होगी, जबकि आलोचकों का दावा है कि इससे देश रूस के संभावित परमाणु निशाने पर आ सकता है।

बुधवार को संसद ने न्यूक्लियर एनर्जी एक्ट और क्रिमिनल कोड में संशोधन के पक्ष में 125 और विरोध में 61 वोट दिए। संशोधन के बाद अब फिनलैंड में परमाणु हथियारों के आयात, आपूर्ति, परिवहन और भंडारण की अनुमति होगी।

रक्षा मंत्री एंटी हक्कानेन ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक सुधार फिनलैंड और NATO दोनों की सुरक्षा को मजबूत करेगा।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब फिनलैंड NATO में शामिल होने के बाद अपनी सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव कर रहा है। 2023 में NATO की सदस्यता लेने के बाद रूस और फिनलैंड के संबंधों में तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच करीब 1,340 किलोमीटर लंबी सीमा है।

रूस ने पहले ही इस कदम को लेकर चेतावनी दी थी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि यदि फिनलैंड अपने क्षेत्र में परमाणु हथियारों की तैनाती की अनुमति देता है, तो इससे यूरोप में तनाव बढ़ सकता है और रूस उचित जवाबी कदम उठाएगा।

UAE में 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध: ऐसा करने वाला पहला अरब देश

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने सोशल मीडिया उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एक प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सोशल मीडिया इस्तेमाल की न्यूनतम आयु 15 वर्ष तय कर दी है। इसके साथ ही UAE ऐसा नियम लागू करने वाला पहला अरब देश बन गया है।

UAE सरकार के मीडिया कार्यालय के अनुसार, नए नियम के तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट बनाने या उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, इस आयु वर्ग के बच्चों की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सभी सुविधाओं तक पहुंच भी सीमित रहेगी।

ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए देशव्यापी सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू कर चुके हैं। वहीं ब्रिटेन और मलेशिया ने भी नाबालिगों की सोशल मीडिया पहुंच को सीमित करने संबंधी कानून पारित किए हैं। कई अन्य देशों में भी इस दिशा में कानून या प्रस्तावों पर काम चल रहा है।

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