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अलवर शहर के पॉश इलाके स्कीम नंबर 8 में पिछले दो दिनों से बंदरों और लंगूरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का अपने ही घरों की छतों पर जाना दूभर हो गया है। मंगलवार सुबह यहां एक लंगूर ने एक मासूम बालिका का लिया। इस घटना के बाद से पूरी कॉलोनी के बाशिंदे भारी दहशत में हैं। डी-मार्ट वाली गली में सबसे ज्यादा खौफ, कारों को पहुंचा रहे नुकसान स्थानीय निवासी राजीव कुमार ने बताया कि डी-मार्ट के सामने वाली गली में पिछले दो दिनों से बंदरों और लंगूरों का झुंड डेरा डाले हुए है। हालत यह है कि जैसे ही कोई व्यक्ति अपने घर की छत या बालकनी में नजर आता है, बंदर सीधे उस पर हमला करने के लिए दौड़ पड़ते हैं। इतना ही नहीं, गलियों में खड़ी कारों के ऊपर कूद-कूद कर उन्हें क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। अगर कोई हिम्मत दिखाकर इन्हें भगाने की कोशिश करता है, तो लंगूर उल्टा उसी के पीछे आक्रामक होकर झपट पड़ता है।
निगम बोला- ‘फॉरेस्ट का काम’, वन विभाग ने कहा- ‘निगम जाने’ इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात प्रशासनिक अधिकारियों का लापरवाह रवैया है। पीड़ित जनता की गुहार सुनने के बजाय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टालने में लगे हैं। स्थानीय निवासी राजीव कुमार ने जब इस गंभीर समस्या की शिकायत नगर निगम के एईएन दिनेश चंद से की, तो उन्होंने साफ कह दिया कि बंदर-लंगूरों को पकड़ना हमारा नहीं, बल्कि वन विभाग का काम है। इसके बाद जब परेशान लोगों ने वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई, तो उनका जवाब था कि शहर के रिहायशी इलाकों में यह सब देखना नगर निगम का काम है। जनता त्रस्त, अधिकारी मस्त कॉलोनी के लोगों का कहना है कि एक तरफ बच्चे-बुजुर्ग घरों में कैद होने को मजबूर हैं और दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सी से हिलने को तैयार नहीं हैं। अगर जल्द ही इस हिंसक लंगूर को नहीं पकड़ा गया, तो कॉलोनी वाले उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।
स्कीम 8 में लंगूर ने बालिका का काटा:छत पर देखते ही लोगों के पीछे दौड़ रहे बंदर, आमजन दहशत में, अफसर टाल रहे एक दूसरे पर
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