फलों पर कीड़े हैं या नहीं? 14 साल के बच्चे ने बनाया ऐसा डिवाइस कि कर देगा दूध का दूध और पानी का पानी, Career Hindi News

Actionpunjab
4 Min Read


अमेरिका के जॉर्जिया में रहने वाले 14 वर्षीय छात्र सिरिश सुभाष ने एक ऐसा एआई डिवाइस बनाया है, जो सेकेंडों में पकड़ लेगी कि फल या सब्जियों पर कीड़े हैं या नहीं।

अक्सर हम फल और सब्जियां बाजार से लाते हैं और धोकर उसे खाने लगते हैं। धोकर इसलिए खाते हैं कि ताकि फल के सतह पर मौजूद कीड़ें हट जाएं। लेकिन उन्हें खाने से पहले एक सवाल अक्सर मन में आता है कि क्या उन्हें धोने के बाद भी उन पर कीटनाशकों के अंश रह जाते हैं? लेकिन अब इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अमेरिका के जॉर्जिया में रहने वाले 14 वर्षीय छात्र सिरिश सुभाष ने एक ऐसा एआई डिवाइस बनाया है, जो सेकेंडों में पकड़ लेगी कि फल या सब्जियों पर कीड़े हैं या नहीं। जी हां, कक्षा 9वीं के छात्र सिरिश ने पेस्टीस्कैंड (PestiSCAND) नाम का एक पोर्टेबल डिवाइस तैयार किया है, जिसे फलों और सब्जियों में मौजूद कीटनाशक अवशेषों की पहचान के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रोजेक्ट की वजह से मिला 25000 डॉलर का पुरस्कार

अपने इस प्रोजेक्ट की वजह से सिरिश अक्टूबर 2024 में अमेरिका के टॉप यंग सांइटिस्ट प्रतियोगिता में विनर भी रहे। 3M और डिस्कवरी एजुकेशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में उन्हें 25000 डॉलर का पुरस्कार मिला। इस उपलब्धि ने कम उम्र में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में काम कर रहे सिरिश को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाई।

कैसे आया आइडिया?

सिरिश की दिलचस्पी इस सवाल से शुरू हुई कि फल और सब्जियों को धोने के बाद भी उनकी सतह पर क्या कुछ रह सकता है। क्योंकि आम आदमी के लिए इन्हें देखकर पहचानना संभव नहीं होता। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सिरिश ने ऐसा पोर्टेबल मशीन बनाने का फैसला किया, जिससे लोगों को फलों और सब्जियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सके। उनका उद्देश्य ऐसा सिस्टम तैयार करना था जिसका इस्तेमाल लैब के बाहर भी किया जा सके।

AI की मदद से करता है पहचान

पेस्टीस्कैंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कीटनाशक अवशेषों की पहचान में मदद के लिए किया गया है। सिरिश ने अपने प्रोजेक्ट के दौरान इस डिवाइस का टेस्टिंग पालक और टमाटर पर किया। 3M के मुताबिक, टेस्ट के दौरान इस डिवाइस ने 85 प्रतिशत से ज्यादा सटीक नतीजे दिए। यह प्रोजेक्ट के तय मानकों के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन था।

हालांकि, पेस्टीस्कैंडका इस्तेमाल फल और सब्जियां धोने की जगह नहीं किया जाना है। सिरिश का कहना है कि पहले फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोना चाहिए और उसके बाद इस डिवाइस से उनकी जांच की जा सकती है। यानी यह डिवाइस धोने का विकल्प नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त जांच का तरीका है।

बड़े डिवाइस से हैंडहेल्ड डिटेक्टर तक का सफर

पेस्टीस्कैंड का मौजूदा वर्जन सिरिश का पहला प्रयास नहीं था। शुरुआत में उन्होंने एक बड़े आकार के डिवाइस पर काम किया। बाद में उन्होंने सिस्टम को छोटा और आसानी से ले जाने योग्य बनाने पर ध्यान दिया। नए वर्जन को ब्लूटूथ के जरिए वायरलेस तरीके से कम्युनिकेट करने के लिए डिजाइन किया गया। इससे डिवाइस को लैब या क्लासरूम तक सीमित रखने के बजाय इसे अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अभी भी एक प्रयोगात्मक और शुरुआती चरण का प्रोजेक्ट है। प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले सिरिश ने इस डिवाइस के कई टेस्ट किए थे। टेस्ट के नतीजे अच्छे रहे और डिवाइस ने तय मानकों को पूरा किया। हालांकि, पेस्टीस्कैंड अभी शुरुआती दौर में है और इसे बाजार में मिलने वाला तैयार प्रोडक्ट नहीं माना जा सकता।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *