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नई दिल्ली। नशे को कहें ना- जिंदगी को कहें हां, के नारों के बीच दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल परिसर में युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश दिया गया। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल ने नशा मुक्त युवा, अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में हुए आयोजन में डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए खेल, फिटनेस और योग को प्रभावी माध्यम बताया गया। स्वीटी बूरा ने साझा किए अपने अनुभव इस दौरान हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार, विश्व बॉक्सर चैंपियन स्वीटी बूरा तथा दिल्ली पुलिस की एसीपी लक्ष्मी दुबे ने अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा से जुड़े अनुभव साझा किए। योग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश ने प्राणायाम और योगाभ्यास के जरिए मानसिक तनाव कम करने तथा शारीरिक क्षमता बढ़ाने के उपाय बताए। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने नशामुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ ली। पूरे परिवार को प्रभावित करता है नशा : डॉ. कविता डॉ. कविता शर्मा ने कहा, नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवा खेल, योग और शिक्षा को अपनाकर बदलाव के वाहक बन सकते हैं। नशा मुक्त युवा ट्रस्ट के संस्थापक डॉ संदीप डांगी ने कहा, देश का भविष्य तभी सुरक्षित होगा, जब युवा फिटनेस और सकारात्मक सोच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे। यहां देखें फोटो…
सफदरजंग अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम:युवाओं को खेल-योग से जोड़ने का अभियान, खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने दिखाई नई राह
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