कैथल में कचरा डंपिंग यार्ड पर विवाद, लगा ताला:ग्रामीण और अधिकारी आमने-सामने, करनाल भेजा जा रहा कैथल का कचरा

Actionpunjab
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कैथल में खुराना रोड पर बने कचरा डंपिंग यार्ड पर आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों ने सप्ताह से ताला जड़ रखा है और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीण इस डंपिंग यार्ड को पूरी तरह से बंद करने और कचरा उठान करवाने की मांग कर रहे हैं। न तो ग्रामीण ताला खोल रहे हैं और न ही अधिकारी डंपिंग यार्ड को बंद करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में अब कैथल शहर का कचरा करनाल के डंपिंग यार्ड में भेजा जा रहा है, जिस पर कर्मचारियों को पहले तो शहर से गीला और सूखा कचरा उठाना पड़ता है और बाद में उसे करनाल ले जाना पड़ता है, जिससे शहर में भी सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। शहर में रोजाना घरों से निकलता है करीब 85 टन कचरा बता दें कि शहर में रोजाना करीब 85 टन कचरा घरों से निकलता है। डंपिंग यार्ड पर तालाबंदी से पहले कर्मचारी सुबह ही कचरे का उठान कर उसको यार्ड में पहुंचा देते थे, लेकिन अब गांवों के लोगों ने कचरा वाहनों की एंट्री बंद कर दी है। हालांकि प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और ताला खुलवाने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना-दूसरे शहरों से भी यहां लाया जाता है कचरा ग्रामीण दिलबाग मलिक, गुरदयाल सिंह नरेश, ईश्वर सिंह, शमशेर, गुरदीप सिंह और सुरेंद्र का कहना है कि इस डंपिंग यार्ड के कारण आसपास के गांवों सहित किसानों को परेशानी हो रही है। कचरे से गंदे पॉलिथीन उड़कर उनके खेतों व घरों में जाते हैं, जिससे हर समय क्षेत्र में बदबू फैली रहती है। यार्ड के साथ ही नहरी पानी की सप्लाई की छोटी माइनर है, जिसमें हर समय गंदगी भरी रहती है। यहां पर कैथल के साथ साथ चीका और सीवन से लाकर कचरा डाल दिया जाता है। डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि डंपिंग यार्ड के कारण कुलतारण, खुराना, कालू वाली गामड़ी, डेरा गदला और डोहर सहित कई गांवों के लोग परेशान हैं। डंपिंग यार्ड के साथ ही गांवों में नहरी पानी की सप्लाई आती है। ऐसे में गांवों के लोगों तक दूषित पानी पहुंच रहा है। ऐसे में ग्रामीण उस पानी को कैसे पीएंगे और प्रयोग करेंगे। उन्होंने इस संबंध में पहले भी प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन दिया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया गया। उन्होंने जल्द से जल्द डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग की है। इस संबंध में कैथल एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि सूचना पर वे ग्रामीणों के बीच यार्ड पर गए थे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। अब प्रशासन की ओर से कोई और रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

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