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सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर अखिलेश यादव पर तीखा कटाक्ष किया है। राजभर ने पूछा- सैफई वाले क्या छिपा रहे हैं? मोहन यादव पर हल्ला बोलकर भरत यादव और चंद्रपाल यादव का रिश्ता दबाना चाहते हैं अखिलेश? क्या दुनिया को वही दिखाना चाहते हैं, जो सैफई परिवार को सूट करता है? भरत यादव कौन? राजभर ने बताया कि एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी भरत यादव वर्तमान में मध्य प्रदेश राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं। हाईवे और सड़कों का रूट तय करने में उनकी अहम भूमिका है। इन्हीं भरत यादव का रिश्ता अखिलेश यादव के सबसे करीबी और सपा के पूर्व कोषाध्यक्ष चंद्रपाल यादव से है। चंद्रपाल यादव अखिलेश जी के ‘कुबेर’ माने जाते हैं। भरत यादव चंद्रपाल यादव के दामाद हैं। असली पीड़ा अब समझ में आई : राजभर ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव की असली पीड़ा अब समझ में आ रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम पर एक फर्जी खुलासे से अखिलेश इस कदर बौखला गए हैं कि उनकी तिलमिलाहट साफ दिख रही है। असल बात यह है कि मध्य प्रदेश के हाईवे प्रोजेक्ट्स में भरत यादव के जरिए अखिलेश के करीबी और उत्तर प्रदेश के कुछ सफेदपोश लोग भारी निवेश कर चुके हैं। जमीनें पहले से ‘प्लांट’ कर ली गई हैं। अब अगर सही रिपोर्ट सामने आ गई तो पूरा निवेश डूब जाएगा। सैफई फॉर्मूला फिर दोहराने की तैयारी उत्तर प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है कि सैफई परिवार लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में क्या कर चुका है। फिरोजाबाद से इटावा तक जमीनें औने-पौने दाम पर खरीदी गईं। फिर एक्सप्रेसवे का रूट मनमाने ढंग से मोड़ दिया गया। नतीजा? एक्सप्रेसवे की लंबाई अनावश्यक रूप से 30 किलोमीटर बढ़ गई और भारी-भरकम मुआवजा वसूला गया। गोमती के बाद अब मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे रिपोर्ट का डर गोमती रिवर फ्रंट की रिपोर्ट के बाद अखिलेश यादव को अब मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट का भी डर सताने लगा है। कहीं सारे निवेश और रिश्ते उजागर न हो जाएं। इसलिए मोहन यादव पर अनाप-शनाप हमले किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां ध्यान दें। इस पूरे प्रकरण की गहन जांच होनी चाहिए। मध्य प्रदेश के हाईवे प्रोजेक्ट्स में उत्तर प्रदेश के कौन-कौन से ‘सफेदपोश’ निवेशक शामिल हैं? भरत यादव के जरिए कौन-कौन सी जमीनें पहले से बुक कर ली गईं? सपा में टूट के दावे के बाद आमने-सामने राजभर-अखिलेश मानसून सत्र से पहले सपा सांसदों में टूट का दावा कर चुके सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर और सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब आमने-सामने आ चुके हैं। दोनों एक-दूसरे पर लगातार सियासी हमले कर रहे हैं। राजभर पहले ही दावा कर चुके हैं कि बंगाल में टीएमसी, पंजाब में आप और महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव) गुट में टूट के बाद अब सपा में बगावत होने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बगावत की अगुआई बागी ‘बलिया का लाल’ करेगा। यादव-मुस्लिम छोड़कर सभी सांसद इसमें शामिल होंगे। सपा के 37 सांसदों में 28 गैर यादव-मुस्लिम हैं। हालांकि सपा के 20 सांसदों ने दैनिक भास्कर के सवाल पर बगावत की बात को खारिज कर दिया है।
ओपी राजभर ने पूछा क्या छिपा रहे सैफई वाले:मोहन यादव पर हल्ला बोलकर भरत यादव-चंद्रपाल यादव का रिश्ता दबाना चाहते हैं अखिलेश?
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