एमरजेंसी में नरेंद्र मोदी की रही अहम भूमिका:रोहतक में बोले ओमप्रकाश धनखड़: कांग्रेस अपने पाप छुपाने के लिए पर्दा डालने में लगे

Actionpunjab
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रोहतक में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि 1975 में जब एमरजेंसी लगाई गई तो उस समय नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय समिति के प्रचारक थे। उन्हें जेल से बाहर रहकर सरकार की नजरों से बचते हुए काम करने की जिम्मेदारी दी थी, जिसे नरेंद्र मोदी ने बखूबी निभाया। ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि नरेंद्र मोदी के कंधों पर बड़ा दायित्व दिया गया। जो लोक सत्याग्रह में चले गए, उनके परिवार को संभालना था। उस समय देश के लिए जनसंघ व जनता पार्टी ने अपना विलय कर दिया था। उस समय के लोग आज भी जिंदा है, जिन्हें कल सम्मानित किया जाएगा। लोकतंत्र में होता है मानस परिवर्तन
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में मानस परिवर्तन होता रहता है। राजतंत्र में हत्या के बाद शासन होता था, लेकिन लोकतंत्र में मानस परिवर्तन होता है। जब लोक मानस बदल जाता है तो सरकारें बदल जाती है। एमरजेंसी के समय वाले कुछ लोगों के परिवार आज भाजपा में शामिल है, क्योंकि उनकी विचारधारा ठीक है। सुबह वाली गाड़ी से चले जाएंगे, बज रहा था गाना
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि रामबिलास उस समय गया जेल में थे और जब उनहें छोड़ना था तो रात को गाना बज रहा था कि सुबह वाली गाड़ी से चले जाएंगे। वो गाना रामबिलास कभी नहीं भूलता। लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों में भेदभाव नहीं है और सभी ने मिलकर लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस अपने पापों पर गिरा रही पर्दा
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि कांग्रेस तो अपने किए पापों पर पर्दा गिराने के लिए अनाप शनाप बयान देती है। कांग्रेस उस समय की काली रात को देखना ही नहीं चाहते। उस नसबंदी को वो याद नहीं करवाना चाहते। नौजवानों में भय पैदा किया गया था कि स्कूल में आने वाले युवाओं की एडी में सूएं लगाए जाएंगे। एमरजेंसी के बाद संविधान के अंदर 2 माह में किए कई परिवर्तन
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि 25 जून 1975 को एमरजेंसी लगाने के बाद दो महीने के अंदर संविधान में कई संशोधन किए गए। 38वें संशोधन में कहा गया कि एमरजेंसी के खिलाफ कोई कोर्ट में नहीं जा सकता। 8 अगस्त को 45वां संशोधन लाए, क्योंकि 12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में तारीख थी। ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि 12 अगस्त की तारीख से पहले ही इंदिरा गांधी ने संविधान में संशोधन करते हुए कहा कि पीएम, डिप्टी पीएम व राष्ट्रपति के चुनाव को कोई चैलेंज नहीं कर सकता। तारीख से पहले ही नियम को बदल दिया गया। तारीख पर जज बैठा देखता रहा, लेकिन कोई नहीं गया। कांग्रेस का देश की किसी संस्था में आज भी विश्वास नहीं है।

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