हाईवे पर 2 किलोमीटर तक लगी वाहनों की कतारें:नेला तालाब के पास गोवंश का अधजला शव मिलने से आक्रोश, नेशनल हाईवे पर डेढ़ घंटे चक्का जाम

Actionpunjab
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गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में बलीचा-प्रताप नगर मार्ग पर स्थित नेला तालाब के पास शुक्रवार दोपहर एक गोवंश (बछड़े) का पैर बंधा हुआ अधजला शव मिला। इससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। एकादशी पर हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गोरक्षक बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। इस कृत्य के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने बलीचा क्षेत्र में उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे (एनएच-48) पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते व्यस्त मार्ग के दोनों ओर करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया। घटना और जाम की सूचना मिलते ही गोवर्धन विलास थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह चारण भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच डेढ़ घंटे नारेबाजी चलती रही। सूचना पर हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता-गोरक्षक जुटे थानाधिकारी चारण ने आश्वस्त किया कि क्षेत्र के सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। 2 दिनों में आरोपियों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे से हटे और पुलिस ने यातायात सुचारू करवाया। प्रदर्शन में जय श्री काली कल्याण शक्तिपीठ के गादीपति डॉ. हेमंत जोशी, उमराव सिंह राव, हार्दिक मेनारिया, मनीष बाबा, करण सिंह, विप्र महासेना के संदीप जोशी, पराग शर्मा सहित स्थानीय लोग मौजूद थे। सवाल… मौत सामान्य थी तो पैर बांधकर जलाने की क्या जरूरत?
मामले में हिंदू संगठनों व संतों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जय श्री काली कल्याण शक्तिपीठ के गादीपति डॉ. जोशी ने कहा कि इस अमानवीय कृत्य में शामिल असामाजिक तत्वों को पुलिस अविलंब गिरफ्तार करे। ऐसे अपराधियों को सख्त सजा दें। उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में मामले का पर्दाफाश नहीं हुआ तो संपूर्ण मेवाड़ संभाग में उग्र आंदोलन किया जाएगा। गोरक्षक ओम मेनारिया ने कहा कि यदि बछड़े की मौत किसी सामान्य परिस्थिति या बीमारी से भी हुई थी तो भी उसके शव को सम्मानजनक तरीके से भू-समाधि देने के बजाय इस तरह पैर बांधकर बीच राह में जलाना गलत है। उन्होंने मांग की कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों को जल्द सार्वजनिक करे।

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