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गोरखपुर की सबसे पुरानी मंडी वाले क्षेत्र में समस्याएं भी बहुत पुरानी हैं। इनका समाधान निाकालने वाला कोई नहीं है। ये आरोप वार्ड-61 साहबगंज के लोगों का है। उनका कहना है कि विकास के दावों से हकीकत बिल्कुल उलट है। स्माइलपुर समेत कई मोहल्लों में लोग महीनों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। मंडी में हजारों लोगों का आना-जाना हर दिन होता है। फिर भी यहां न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न सार्वजनिक शौचालय। गंदे पानी, जाम नालियों, गंदगी और सीवर जैसी समस्याएं हमेशा बनी रहती हैं। लोगों ने पार्षद पर पक्षपात का आरोप लगाया। बताया कि शिकायत करने पर जवाब मिलता है- “वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा।” दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में वार्डवासियों ने परेशानियां गिनाईं। कहा कि 15 से अधिक आबादी वाले इस इलाके के विकास पर कभी ध्यान नहीं दिया गया है। यहां के लोग नरकीय जीवन जी रहे हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-61 साहबगंज का जायजा लिया गया… घरों में नाली जैसा गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। मोहल्लों में नालियां जाम हैं और गलियों में गंदगी फैली नजर आती है। पुरानी गल्ला मंडी में सार्वजनिक शौचालय और पेयजल की सुविधा नहीं है। पहले ये नजारा देखिए… दूषित पानी से बढ़ रही बीमारी लोगों ने बताया कि नगर निगम की सप्लाई का पानी इतना गंदा और बदबूदार आता है कि उसे पीना तो दूर, नहाने और कपड़े धोने में भी डर लगता है। मजबूरी में आरओ का पानी खरीदना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी-दस्त, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। ‘वोट नहीं दिया, इसलिए काम नहीं होगा’ का आरोप कई स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर जाने पर उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि मोहल्ले के लोगों ने वोट नहीं दिया, इसलिए यहां विकास कार्य नहीं होंगे। लोगों का कहना है कि इसी वजह से उनकी समस्याएं लंबे समय से जस की तस बनी हुई हैं। वार्ड की बड़ी समस्याएं दूषित पेयजल की समस्या: स्माइलपुर में नगर निगम की सप्लाई का पानी बेहद गंदा और बदबूदार आता है। लोगों का कहना है कि पानी पीने योग्य तो दूर, नहाने और कपड़े धोने लायक भी नहीं है। दूषित पानी से बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। सफाई और कूड़ा उठान की बदहाल व्यवस्था: मुख्य सड़कें अपेक्षाकृत साफ हैं, लेकिन अंदरूनी मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे हैं। नियमित सफाई नहीं होने से नालियां जाम रहती हैं और बदबू फैलती है। मंडी में सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव: पुरानी गल्ला मंडी में वर्षों से न सार्वजनिक शौचालय है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था। व्यापारी और ग्राहकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। टूटी नालियां और सीवर की कमी: कई गलियों में नालियां टूटी और जाम मिलीं। स्माइलपुर समेत कई इलाकों में सीवर लाइन नहीं है, जिससे बारिश के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या गंभीर हो जाती है। सालों से खराब ट्यूबवेल, पानी खरीद रहे लोग आकाशदीप ने कहा कि मोहल्ले का ट्यूबवेल कई वर्षों से खराब पड़ा है। लोग रोज पीने का पानी खरीदने को मजबूर हैं। अंजनी ने कहा कि घर की कमाई का बड़ा हिस्सा दवा और आरओ का पानी खरीदने में खर्च हो रहा है। छोटे बच्चे दूषित पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं। निर्मला ने बताया कि कई बार सप्लाई का पानी शौचालय जैसा बदबूदार आता है। घंटों इंतजार के बाद कभी-कभी साफ पानी मिलता है। मंडी में पानी और शौचालय तक नहीं पुरानी गल्ला मंडी में रोज हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं, लेकिन यहां न पीने के पानी की व्यवस्था है और न सार्वजनिक शौचालय। व्यापारियों और ग्राहकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने मांग की कि मंडी जैसी व्यस्त जगह पर जल्द से जल्द दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ————– ये खबर भी पढ़िए… पानी में दुर्गंध, हवा में बदबू… जिंदगी नरक हो गई:वार्ड-63 में आबादी के बीच बनाया कूड़ा डंपिंग केंद्र, लोग बोले- बदबू कर रही बेहाल गोरखपुर का वार्ड-63 जगन्नाथपुर नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा है। मोहल्ले के बीच कूड़ा डंपिंग स्थल बना दिया गया है। लोग बदबू, मक्खी-मच्छर और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। नाले जाम हैं। सड़कों पर जलभराव है। घरों तक गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है। छुट्टा पशुओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। करीब 25 हजार आबादी वाला यह वार्ड मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है, जबकि जिम्मेदार केवल योजनाएं गिना रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ————– ये खबर भी पढ़िए… नलों का दूषित पानी दांत कर रहा पीले: गोरखपुर के वार्ड-24 के कई हिस्सों में 5 साल से सूखी पाइपलाइन, सड़कें लबालब सड़कें चमकती हैं, लेकिन नालियां उफना रही हैं। पाइपलाइन बिछी है, लेकिन पानी नहीं आता। जहां आ रहा है वहां पीला और दूषित है। लोगों ने बताया कि इसको पीने से दांत भी पीले हो रहे हैं। बारिश हो या न हो, गलियों में गंदा पानी बहता रहता है। यही तस्वीर है गोरखपुर के वार्ड-24 मत्स्येन्द्र नगर की। खास बात यह है कि लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज से आने वालों का शहर में वेलकम इसी वार्ड से होता है। पूरी खबर पढ़ें…
वोट नहीं दिया, इसलिए काम नहीं होगा…:वार्ड-61 के पार्षद पर पक्षपात का आरोप, लोग बोले- शहर की सबसे पुरानी मंडी में शौचालय-पेयजल तक नहीं
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