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रोहतक के गांव भालौठ निवासी तीन युवकों का गुरुग्राम में पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर के बाद गांव में गमगीन माहौल है। मृतकों के शव देखकर परिजन बिलख पड़े। परिजनों के साथ ग्रामीणों को भी यकीन नहीं हो रहा कि पुलिस एनकाउंटर में 2 नाबालिग सहित 3 लोगों की मौत हुई है। ग्रामीणों ने कई सवाल उठाए है। गुरुग्राम के व्यवसायी को दीपक नांदल गैंग की तरफ से धमकी मिल रही थी। इसी दौरान कुछ हथियारबंद युवकों ने स्कार्पियो गाड़ी में आकर व्यवसायी को घर पर बंदी बना लिया। पुलिस को जब सूचना मिली तो पुलिस ने आरोपियों को घेर लिया। दोनों तरफ से करीब 65 राउंड फायर हुए, जिसमें 3 पुलिसकर्मी व एक आरोपी घायल हुआ। मुठभेड़ के दौरान 4 आरोपी मौके पर ही ढेर हो गए। मरने वालों में तीन युवक रोहतक के गांव भालौठ के रहने वाले है, जिनमें दो नाबालिग व एक बालिग है। तीनों युवकों का शव शाम को गांव पहुंचा, जिनका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। 200 रुपए लेकर घर से निकला अंकित
अंकित की मां ने रोते हुए बताया कि 4 बहनों का इकलौता भाई था। 8वीं पास करने के बाद 9वीं क्लास में एडमिशन तो लिया, लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। ठेकेदार के पास पिता के साथ मजदूरी के लिए जाता था। कावड़ लाने की जिद्द पर अड़ा था, जिसके चलते पैसे इक्ट्ठे कर रहा था। मां ने बताया कि घर से 8 जुलाई को 200 रुपए मांगे और कहा कि किराया दे दो, बाकी रुपए मैने जमा कर रखे है। हरिद्वार से कावड़ लेकर आउंगा। शाम को घर से निकला, लेकिन वापस नहीं आया। 10 जुलाई को सुबह पुलिस का फोन आया कि सरपंच के घर आ जा, अंकित के बारे में पूछना है। मां ने बताया कि जब उसने आने से मना किया तो पुलिस वाले ने कहा कि लाश देखने भी आएगी। यह सुनते ही पैरों तले जमीन खिसक गई। अंकित के पिता व अन्य लोग सरपंच के घर गए, जहां उन्हें एनकाउंटर के बारे में अंकित के मरने की सूचना मिली। एक महीने बाद था अंकित का जन्मदिन
अंकित के मामा जितेंद्र ने बताया कि अंकित नाबालिग था और अगले महीने ही अंकित का जन्मदिन भी था। अंकित अभी 17 साल का होने वाला था। अंकित कभी गलत कामों में नहीं रहा। बिना बताए कभी घर से दूर नहीं गया। ऐसा कभी नहीं हुआ कि वह एक-दो दिन के लिए भी कभी कहीं गया हो और परिवार को पता ना हो। अब भी हरिद्वार का नाम लेकर घर से गया था। राजीव गांधी स्टेडियम में प्रैक्टिस करता था आर्यन
जैवलिन थ्रो के स्टेट खिलाड़ी आर्यन के कोच सुनील फोगाट ने बताया कि आर्यन का स्वभाव काफी सरल था। रोजाना शाम को राजीव गांधी स्टेडियम में जैवलिन थ्रो की प्रैक्टिस करने के लिए आता था। स्टेट लेवल का खिलाड़ी भी आर्यन रहा है। हालांकि कोई मेडल तो नहीं जीता, लेकिन प्रतियोगिताओं में शामिल हुआ है। कोच सुनील फोगाट ने बताया कि आर्यन पिछले डेढ़ साल से प्रैक्टिस के लिए आता था। कभी ऐसा नहीं लगा कि आर्यन किसी गलत संगत में पड़ गया। उसका स्वभाव बाकी खिलाड़ियों के साथ भी अच्छा था। वह किस लालच में फंसा, यह तो पुलिस जांच के बाद ही पता चलेगा। बाइक ठीक करने की दुकान चलाता था नितिन
गांव के सरपंच कुलदीप ने बताया कि नितिन की गांव में ही बाइक ठीक करने की दुकान थी। पहले नितिन ने काम सीखा और उसके बाद खुद की दुकान कर ली थी। एक बार पहले भी कलावड़ में पुलिस ने किसी वारदात में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पकड़ा था। लेकिन गांव के लोगों को कभी नितिन के स्वभाव से ऐसा नहीं लगा कि वह गलत काम करता है। सरपंच कुलदीप ने बताया कि गांव के तीनों लड़कों को पुलिस ने गलत मारा है। पुलिस को उन्हें मौका देना चाहिए था। जान से मारने की बजाय उनके पैर में गोली मारकर पकड़ सकते थे। तीनों युवक किस लालच में आकर गैंगस्टर के चंगुल में फंसे हैं, यह तो जांच में ही पता चलेगा।
200 रुपए लेकर घर से निकला अंकित, सुबह मिली लाश:रोहतक के 3 युवकों का गुरुग्राम में हुआ एनकाउंटर, शव देख बिलख पड़े परिजन
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