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खुद को रेलवे का कर्मचारी बताकर एक व्यक्ति ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की सेक्टर-51 शाखा से 14 लाख रुपये का लोन लिया। शुरुआत में कुछ किश्तें जमा करने के बाद उसने भुगतान बंद कर दिया। लगातार डिफॉल्ट होने पर बैंक ने जब दस्तावेजों का सत्यापन कराया तो पता चला कि आरोपी ने नौकरी और वेतन संबंधी फर्जी कागजात लगाकर लोन लिया था। बैंक प्रबंधक ने शिकायत की। पुलिस ने शुक्रवार को केस दर्ज किया। दिल्ली रेलवे में बताया सहायक लेखाकार
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-51 स्थित एसबीआई शाखा की प्रबंधक देवांजली मुखर्जी ने शिकायत दी है कि मई 2022 में दिल्ली रेलवे कॉलोनी निवासी शिबू राम ने 14 लाख रुपये का लोन लिया था। उसने खुद को दिल्ली रेलवे प्रधान कार्यालय में सहायक लेखाकार के पद पर तैनात बताया था। लोन आवेदन के साथ वेतन संबंधी दस्तावेज भी जमा किए गए थे, जिनके आधार पर बैंक ने ऋण स्वीकृत कर दिया। एक साल तक लोन कि किस्त जमा की
बैंक अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने करीब एक साल तक नियमित रूप से लोन की किश्तें जमा कीं, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। लगातार किश्तें नहीं आने पर अगस्त 2025 में लोन खाते को एनपीए घोषित कर दिया गया। इसके बाद बैंक की ओर से नोटिस भेजकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा जमा किए गए सेवा संबंधी दस्तावेज और पद की जानकारी फर्जी थी। नोटिस का नहीं दिया जवाब
उसने सुनियोजित तरीके से बैंक को धोखा देकर लोन प्राप्त किया था। बैंक प्रबंध का आरोप है कि नोटिस जारी होने और संपर्क करने के बावजूद आरोपी बैंक के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद मामले की शिकायत सेक्टर-49 थाना पुलिस से की गई। एसीपी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि बैंक प्रबंधक की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
नोएडा में रेवले कर्मी बनकर 14 लाख का लिया लोन:जांच में दस्तावेज मिले फर्जी, शक न हो एक साल तक जमा कि किस्त
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