कल का मौसम, 30 जुलाई: सावधान! गुरुवार को इन राज्यों में तूफान मचाएगा तहलका, ‘आसमानी आफत’ का रेड अलर्ट, Weather Hindi News

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IMD ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा के तट पर बने मौसमी तंत्र के प्रभाव से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कल भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

देश भर में मॉनसून की चाल अब और भी आक्रामक हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा ताजा बुलेटिन में कहा है कि कल यानी गुरुवार (30 जुलाई) को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। IMD ने इसके लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के मध्य भागों और उससे सटे ओडिशा पर बना ‘गहन अवदाब’ (Deep Depression) अब पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर कल यानी 30 जुलाई को दिखाई देगा। विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश में ‘महा-बारिश’ की चेतावनी जारी की है।

IMD के अलर्ट को देखते हुए वहां प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि 30 जुलाई को यहाँ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश (21 सेमी से ज्यादा) होने की प्रबल आशंका है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मॉनसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। IMD ने छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अनेक जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं और अनेक क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ से सटे पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और ओडिशा के कई जिलों के लिए भी 30 जुलाई को अचानक बाढ़ का जोखिम जताया है।

इन राज्यों में सक्रिय रहेगा मॉनसून

आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, उत्तर आंतरिक ओडिशा और दक्षिण झारखंड-छत्तीसगढ़ से लगे क्षेत्रों में बना गहरा दबाव पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में इसके उत्तर आंतरिक ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में मॉनसून सक्रिय रहेगा और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही IMD ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में तीन अगस्त तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान भी जारी किया है। विभाग ने कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। यह स्थिति अगस्त के पहले सप्ताह तक रह सकती है।

दिल्ली-एनसीआर: सुहाने मौसम के साथ झमाझम फुहारें

IMD ने कहा है कि राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (NCR) में 30 जुलाई को मौसम मेहरबान रहेगा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और सुबह से दोपहर के बीच कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। तापमान में भी गिरावट आएगी, जिससे दिल्लीवासियों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। IMD ने कहा है कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 30 से 31 जुलाई और दो से तीन अगस्त को व्यापक बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, एक अगस्त को बारिश में कुछ कमी आ सकती है। विभाग ने 30 जुलाई से तीन अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश और 29 जुलाई को कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।

पहाड़ों पर मॉनसून का तांडव

मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर के पहीड़ी राज्यों में 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। इससे वहां अचानक बाढ़ और बूस्खलन का खतरा बना रहेगा। विभाग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 30 जुलाई से तीन अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं उत्तराखंड में भी 30 जुलाई से तीन अगस्त तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी 30 जुलाई से तीन अगस्त तक व्यापक बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है, जो 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

राजस्थान-गुजरात में कैसा रहेगा मौसम?

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की सक्रियता के बीच राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बताया है कि 30 जुलाई से दो अगस्त के दौरान भी पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश और कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, राज्य के कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभागों के कुछ अन्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इस दौरान राज्य के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने गुजरात में 30 से 31 जुलाई के बीच कई इलाकों में अत्यधिक बारिश होने की चेतावनी जारी की है।

बिहार-झारखंड में कब-कब बारिश

IMD ने कहा है कि 30 जुलाई को बिहार के कुछ जिलों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है लेकिन 31 जुलाई से 4 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में व्यापक बारिश होने का अनुमान है। 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। IMD ने कहा है कि इस दौरान 4 अगस्त तक राज्य में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज़ हवाएं (30-40 किमी/घंटा की रफ्तार, जो 50 किमी/घंटा तक जा सकती है) चलने के आसार हैं। वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड के अधिकांश हिस्सों में इस दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है।विभाग ने कहा है कि 30-31 जुलाई के दौरान बारिश में थोड़ी कमी आ सकती है और कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है लेकिन 1 से 4 अगस्त के बीच एक बार फिर काफी ज़्यादा या व्यापक बारिश का दौर शुरू होगा। 2 अगस्त को झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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