Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मौसम का कहर जारी है। आज मौसम विभाग ने प्रदेश के चार प्रमुख जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। जबकि पांच पर्वतीय जिलों में भी भारी बारिश की आशंका है। यमुनोत्री हाईवे बंद है।
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज भी मौसम विभाग ने देहरादून-नैनीताल समेत प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। साथ ही 5 पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की आशंका है। तेज बारिश से देहरादून के कई इलाकों में जलभराव हो गया है। उधर, यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन से बंद हो गया है।
आज कहां-कहां बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून, टिहरी, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटे में मोहकमपुर में 29 मिमी, चकराता में सात मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। सोमवार को दून का अधिकतम पारा 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
तेज बारिश से दून के कई इलाकों में जलभराव
दून के कई इलाकों में सोमवार दोपहर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद रायपुर रोड, ईसी रोड, डीएल रोड, राजपुर रोड समेत विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। चंद्रबनी क्षेत्र में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट रोड पर बारिश के बाद पेड़ गिर गया। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने बताया, देर शाम तक कंट्रोल रूम में जलभराव की शिकायत दर्ज नहीं हुई।
यमुनोत्री मार्ग बंद, गंगोत्री हाईवे छह घंटे के बाद खुला
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सोमवार को एक बार फिर बाधित हो गया। स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, बनास, बाड़िया और सिलाई बैंड सहित कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आने से सुबह से ही यातायात ठप रहा। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भटवाड़ी के पास भू धंसाव के कारण छह घंटे बाद यातायात के लिए सुचारू किया। राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा जंगलचट्टी, बनास, बाड़िया और सिलाई बैंड समेत अन्य स्थानों पर मार्ग यातायात के लिए खोल दिया। हालांकि, स्यानाचट्टी में लगातार पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण समाचार लिखे जाने तक मार्ग बहाल नहीं हो सका और जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग खोलने का कार्य जारी था। गौरतलब है कि स्यानाचट्टी के पास बंद पड़ा हाईवे रविवार शाम को तीन दिन बाद यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन कुछ ही घंटे बाद रात में दोबारा हुए भूस्खलन से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गिरा, जिससे मार्ग फिर बंद हो गया।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में काम में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की बहाली जल्द हो। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए उनका त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाए। ताकि स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
खैनूरी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लगाया फोन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के दशोली ब्लॉक के खैनूरी गांव को जोड़ने वाली सड़क को जल्द ठीक करने के निर्देश डीएम चमोली को दिए। सोमवार को ग्राम खैनूरी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कर गांव को जोड़ने वाली सड़क के आपदा की वजह से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी। इससे 120 परिवारों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।