Uttarakhand Weather: भारी बारिश और भूस्खलन से 111 सड़कें बंद; स्कूलों की छुट्टी, कहां-कहां अलर्ट, Uttarakhand Hindi News

Actionpunjab
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Uttarakhand Weather: उत्तराखंड के सभी जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट है। विशेष रूप से देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पौड़ी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 4 जिलों में स्कूलों की छुट्टी है।

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में आज भी मौसम का तांडव जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए राजधानी देहरादून, चमोली, बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी देहरादून में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है। सचिव विनोद कुमार सुमन ने नागरिकों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, यात्रा से पूर्व मौसम की अद्यतन जानकारी लेने की अपील की है। देहरादून,चमोली, बागेश्वर और पौड़ी में भारी बारिश के कारण स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

देहरादून समेत कई जिलों में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। इसको देखते हुए देहरादून में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी सरकारी, अशासकीय और निजी स्कूलों के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। उधर, पौड़ी में भी बारिश के अलर्ट को देखते हुए स्कूलों में अवकाश रखा गया है।

मानसून में हाई अलर्ट पर रहें सभी एजेंसियां: धामी

सीएम ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। सीएम ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभागों को समन्वय से 24 घंटे हाई अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में बिना विलंब राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए। जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

प्रदेश में 111 सड़कें बंद

बारिश के चलते भूस्खलन और गाड़-गदेरों के उफनने से सड़कें लगातार बंद हो रही हैं। बुधवार देर शाम तक प्रदेश में 111 सड़कें बंद थीं। एजेंसियों की ओर से सड़कों को खोलने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी आपदा प्रबंधन एवं राहत एजेंसियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

कमजोर पश्चिमी विक्षोभ से कुमाऊं में बारिश घटी

प्रदेश के कई जिलों में इस बार मानसून में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञानियों का दावा है कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और अल नीनो के सक्रिय होने के कारण ऐसा हो रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार लगातार दो साल से चार से पांच जिलों में मानसून कमजोर है। अल नीनो के प्रभाव की बात करें तो इसकी स्थिति में समुद्र की सतह का तापमान बढ़ जाता है, जिससे मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ती हैं और बारिश का वितरण असमान हो जाता है। जिस कारण कई जगहों पर बारिश होती है और कई स्थान इससे बच जाते हैं।

पंतनगर विवि के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एएस नैन के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ ही पहाड़ों में मानसून को ताकत देता है। जब अरब सागर से नमी लेकर आने वाली मानसूनी हवाएं पश्चिमी विक्षोभ से टकराती हैं तो तेज बारिश होती है। इस बार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम कमजोर रहे और उत्तर भारत की ओर आने वाले पश्चिमी विक्षोभ भी समय पर सक्रिय नहीं हुए।

हल्द्वानी में उमस के बाद बारिश से राहत

हल्द्वानी। हल्द्वानी में बुधवार को मौसम दिनभर बदलता रहा। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। आधे दिन हल्की धूप निकली, लेकिन दोपहर बाद काले बादल फिर घिर आए। रिमझिम बारिश से लोगों को राहत मिली। पिछले 24 घंटे में हल्द्वानी में 10 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। रविवार को शहर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है।

नैनीताल में दिनभर बारिश, घना कोहरा छाया

नैनीताल। सरोवर नगरी में बुधवार सुबह से ही बादल और कोहरा छाया रहा करीब साढ़े 11 बजे से बारिश शुरू हो गई। दोपहर में घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी काफी कम रही। वहीं दूसरी ओर बारिश में छाता और बरसाती बेचने वाले का काम अच्छा हुआ। बीते 24 घंटे में 33 मिमी बारिश हुई। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 25 डिग्री, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

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