Uttarakhand Weather: मौसम विभाग ने आज भी देहरादून समेत उत्तराखंड के पांच जिलों में चेतावनी जारी की है। केदारनाथ-मानसरोवर मार्ग बंद हो गए। 147 सड़कें बंद हैं।
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। पहाड़ों में जगह-जगह भूस्खलन और गदेरों के उफान पर आने से राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कई लिंक मार्ग बाधित हो गए हैं, इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मानसरोवर यात्रा भूस्खलन के कारण 10 घंटे से अधिक बंद रही। केदारनाथ हाईवे फिर बंद हो गया है। इसी तरह अन्य चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आज देहरादून समेत पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आज कहां-कहां अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए टिहरी, उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना जताई है। पर्वतीय क्षेत्रों में तीव्र बारिश, हरिद्वार व यूएसनगर में बिजली चमकने के आसार हैं। मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। उधर, प्रदेशभर में लगातार बारिश से सब्जी आपूर्ति प्रभावित हो गई है। गुरुवार को निरंजनपुर मंडी में सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम मात्रा में सब्जियों का उठान हुआ।
केदारनाथ हाईवे फिर बंद
रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा में तड़के गीड़-भुतेर गदेरा उफान पर आने से भारी मलबा नगर में आ घुसा। इसकी चपेट में आकर चार बाइकें, दो कूड़ा वाहन और एक ट्रैक्टर मलबे में दब गए। लोनिवि ने सात घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े ग्यारह बजे केदारनाथ हाईवे पर आवाजाही शुरू कराई, लेकिन दोपहर दो बजे दोबारा मलबा आने से केदारनाथ हाईवे फिर बंद हो गया। इस दौरान सैकड़ों कांवड़ यात्री और वाहन फंसे रहे। वहीं विजयनगर-तैला मार्ग पर भूस्खलन से 80 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया।
मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भूस्खलन
पिथौरागढ़। मानसरोवर यात्रा मार्ग धारचूला-गुंजी एनएच में भूस्खलन से एक बार फिर यातायात ठप हो गया। गुरुवार को मलघाट के अलावा इस मार्ग में जगह-जगह पहाड़ी दरकने से आवाजाही ठप हो गई। करीब दस घंटों से अधिक समय बाद भी इस सड़क में यातायात बहाल नहीं हो सका है। इधर कैलास मानसरोवर यात्रा के नौवें दल को शुक्रवार धारचूला से गुंजी के लिए रवाना होना है। अगर समय से सड़क नहीं खुली तो मानसरोवर यात्रियों को भी दिक्कत उठानी पड़ सकती है।
बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे पर लैंडस्लाइड
चमोली में बदरीनाथ हाईवे समेत 32 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इससे 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। सर्वाधिक परेशानी मरीजों व गर्भवतियों को हो रही है, जिन्हें अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। निजमूला घाटी के ईरानी गांव के पूर्व प्रधान मोहन सिंह व ग्रामीण रणवीर सिंह ने बताया कि विरही-निजमूला सड़क बार-बार बाधित हो रही है। इससे 14 गांवों का जनजीवन प्रभावित है और आवागमन ठप है। वहीं, उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बोल्डर व मलबा गिरने से आवाजाही जोखिम भरी बनी है। पहाड़ों पर बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखा।
हरिद्वार में गंगा चेतावनी निशान के पार
हरिद्वार में भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान (293 मीटर) को पार कर 293.30 मीटर तक पहुंच गया, जिसके बाद बैराज से 1.65 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, ऋषिकेश में गंगा बैराज के सभी 15 गेट खोलने से चीला जल विद्युत गृह में 144 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप हो गया। भारी बारिश से हरिद्वार, रुड़की में जलभराव हो गया, इससे लोगों को परेशानी हुई।
प्रदेश में 147 सड़कें बंद
राज्य में लगातार हो रही बारिश से 147 सड़कें बंद चल रही हैं। इस वजह से प्रदेश भर में लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर गुरुवार को चारधाम मार्ग भी बारिश की वजह से बार-बार बाधित होते रहे।
दून-मसूरी में दिनभर बारिश
पर्यटन नगरी मसूरी और देहरादून में गुरुवार को सुबह से शाम तक जारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मसूरी में माल रोड पर सन्नाटा पसरा रहा।
हवाई सेवा ठप, पिथौरागढ़ में दिल्ली से नहीं आया विमान
पिथौरागढ़। बारिश और खराब मौसम के चलते गुरुवार को नैनीसैनी एयरपोर्ट से संचालित होने वाली 42 सीटर विमान सेवा बाधित रही। दिल्ली से यहां विमान नहीं पहुंचा। इस कारण देहरादून सेवा बाधित रही। एयरपोर्ट निदेशक संदीप यादव ने बताया कि मौसम के कारण दिक्कत आ रही है।