देहरादून2 मिनट पहलेलेखक: देवांशु तिवारी
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केदारनाथ मंदिर को करीब 13 क्विंटल फूलों से गुजरात और बंगाल के कलाकारों ने सजाया है।
केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को खोल दिए गए। कपाट खुलते ही भक्तों ने मंदिर के अंदर जलती अंखड ज्योति के दर्शन किए। इसके बाद रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव तांडव स्तोत्र और केदाराष्टक के मंत्रों का जाप किया गया।
मंदिर में सबसे पहले कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के मुख्य रावल भीमशंकर पहुंचे। इसके बाद बाबा पर 6 महीने पहले चढ़ाया गया भीष्म शृंगार हटाया गया। दैनिक भास्कर एप पर आप केदारनाथ धाम के लाइव दर्शन कर सकते हैं।
2500 लोग इस वक्त धाम में मौजूद हैं। भीड़ मैनेज करने के लिए टोकन सिस्टम से दर्शन करवाए जा रहे हैं। भक्त अब अगले 6 महीने तक दर्शन कर सकेंगे।
जून से अगस्त के बीच मौसम ठीक रहा तो इस बार 25 लाख से ज्यादा लोगों के केदारनाथ धाम पहुंचने का अनुमान है।
30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) से चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खोले जाएंगे।

केदारनाथ धाम का ड्रोन विजुअल। मंदिर को फूलों से सजाया गया है।

केदारनाथ धाम पर भक्तों पर फूलों की बारिश की गई।

बाबा केदारनाथ के गर्भगृह की तस्वीर 22 जुलाई 2023 की है, जब एक भक्त ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
क्या है बाबा का भीष्म शृंगार, जिसे करने में 5 घंटे लगते हैं
- पट खुलने के बाद भीष्म शृंगार हटाया जाएगा। यह प्रक्रिया भी दिलचस्प है। सबसे पहले शिवलिंग के पास रखे गए मौसमी फल और ड्राई फ्रूट्स का ढेर हटाते हैं। इसे आर्घा कहते हैं।
- फिर बाबा पर चढ़ी एक से लेकर 12 मुखी रुद्राक्ष की मालाएं निकालते हैं। इसके बाद शिवलिंग पर चारों ओर लपेटा गया सफेद कॉटन का कपड़ा हटाया जाता है।
- पट बंद करते समय शिवलिंग पर 6 लीटर पिघले हुए शुद्ध घी का लेपन करते हैं, जो इस वक्त जमा होता है, इसे धीरे-धीरे शिवलिंग से निकालते हैं।
- इसके बाद होता है शिवलिंग का गंगा स्नान। गोमूत्र, दूध, शहद और पंचामृत स्नान के बाद बाबा केदार को नए फूलों, भस्म लेप और चंदन का तिलक लगाकर तैयार किया जाएगा।
- कपाट बंद करते समय भीष्म शृंगार में करीब 5 घंटे लग जाते हैं, लेकिन कपाट खोलते वक्त आधे घंटे में इसे हटा दिया जाता है।
लाइव अपडेट्स
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केदारनाथ के मुख्य रावल ने बताया पूजन महत्व
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चारधाम यात्रियों के दर्शन के लिए टोकन जरूरी, टाइम और नंबर लिखा

चारधाम यात्रियों के दर्शन के लिए टोकन लेना जरूरी कर दिया गया है। ये पूरी तरह निःशुल्क है। इस पर दर्शन का टाइम लिखा गया है। जिस स्लॉट में नंबर होगा उसी वक्त दर्शन मिलेंगे।
03:04 AM2 मई 2025
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केदारनाथ धाम से भास्कर रिपोर्टर देवांशु तिवारी की रिपोर्ट
03:03 AM2 मई 2025
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केदारनाथ मंदिर में भक्तों ने जयकारे लगाए
02:53 AM2 मई 2025
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CM धामी बोले- हमारा प्रयास चार धाम यात्रा में किसी को परेशानी न हो
CM धामी बोले- हमारा प्रयास चार धाम यात्रा में किसी को परेशानी न हो सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “चार धाम यात्रा 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर शुरू हो गई है। आज से दो दिन बाद भगवान बद्रीनाथ विशाल के कपाट भी खुल जाएंगे और यात्रा पूरे जोर-शोर से शुरू हो जाएगी। हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित हो और उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और इसके लिए हमने उचित व्यवस्था की है।
02:14 AM2 मई 2025
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हेलिकॉप्टर से भक्तों पर फूलों की बारिश की गई
01:36 AM2 मई 2025
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पट खुलने से पहले CM धामी ने लाइन में लगे भक्तों से बात की

01:24 AM2 मई 2025
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रात 10 बजे से लाइन में लगे हैं भक्त
01:24 AM2 मई 2025
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केदारनाथ मंदिर के बाहर लोग पहुंचने लगे
01:14 AM2 मई 2025
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उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी केदरानाथ धाम पहुंचे

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पत्नी गीता के साथ केदारनाथ धाम पहुंचे।
01:12 AM2 मई 2025
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इस बार पहले दिन भीड़ थोड़ी कम, गौरीकुंड में कमरे खाली
इस बार पहले दिन दर्शन के लिए 11 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाए हैं। हालांकि केदारधाम के लिए जिस गौरीकुंड से 16 किमी लंबी पैदल यात्रा शुरू होती है, वहां उपलब्ध 1500 कमरों में से 1100 के आसपास ही भरे हैं। होटल, लॉज व्यवसायियों का कहना है कि इस बार पहले दिन पिछले साल जैसी भीड़ नहीं है।
चारधाम यात्रा के लिए अब तक 23 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाए हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा 7.30 लाख श्रद्धालु केदारनाथ जाने वाले हैं। पिछले साल कुल 19.50 लाख ने बाबा केदार के दर्शन किए थे।
01:11 AM2 मई 2025
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केदारनाथ मंदिर की सजावट की तस्वीरें

भगवान की पंचमुखी डोली यात्रा केदारनाथ धाम पहुंची।

भगवान की पंचमुखी डोली यात्रा के दर्शन के लिए जमा श्रद्धालुओं की भारी भीड़।

पूरे मंदिर को 45 विभिन्न किस्मों के फूलों की लड़ियों से सजाया गया है।

जम्मू-कश्मीर, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली से फूल मंगवाए गए।

सजावट के लिए पं. बंगाल के भी 50 कारीगर बुलाए गए हैं, जो फूलों की कलाकारी में माहिर हैं।

देश के 8 राज्यों के अलावा थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल से भी फूल मंगवाए गए हैं।

केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 11,968 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

केदारनाथ मंदिर 6 महीनों तक बंद रहता है। यह मंदिर चारधाम तीर्थयात्रा की शुरुआत का प्रतीक है।
01:10 AM2 मई 2025
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हेलिकॉप्टर से भी जा सकेंगे केदारनाथ
केदारनाथ धाम हेलिकॉप्टर से भी जा सकते हैं। यह सर्विस सोनप्रयाग से रहेगी। हेलिकॉप्टर ऑपरेटर पवन राणा ने बताया कि IRCTC से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। ऑफलाइन टिकट्स डीएम ऑफिस या सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास से ली जा सकती हैं। हम रोज 20-30 बार सर्विस देंगे। इसमें हर दिन 150 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को केदारनाथ पहुंचाया जाएगा।
राणा ने ये भी बताया कि हेलिकॉप्टर सर्विस मौसम के हिसाब से तय होगी। अगर मौसम साफ रहेगा तो रोज 25-30 फ्लाइट चलाएंगे। अगर मौसम खराब रहेगा तो टिकट कैंसिल कर देंगे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ये फैसला लिया गया है।
4 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट उत्तराखंड चार धामों में से एक बद्रीनाथ (चमोली जिला) के कपाट 4 मई को खुलेंगे। इससे पहले 1 मई को उत्तराखंड के DGP दीपम सेठ और ADG वी मुरुगेश ने सिक्योरिटी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, क्राउड कंट्रोल जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
01:10 AM2 मई 2025
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30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। यमुनोत्री धाम में पहले दिन शाम 5 बजे तक 7 हजार लोगों ने दर्शन किए। गंगोत्री धाम में मां गंगा के जयकारों के साथ यात्रा की शुरुआत हुई। यहां पहले दिन करीब 6 हजार तीर्थ यात्री पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें…
गंगोत्री-यमुनोत्री से केदारनाथ-बद्रीनाथ तक के बारे में सब कुछ

30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई। इस बार 50 लाख से ज्यादा यात्रियों के चारधाम पहुंचने की उम्मीद है। हमने यात्रा शुरू होने के पहले उत्तराखंड पहुंचकर चारों धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के रूट देखे और आपके लिए एक टूरिस्ट फ्रेंडली चारधाम यात्रा गाइड और रूट मैप बनाया है। पढ़िए पूरी खबर…