Proposal to run 3-3 trip special trains | 3-3 ट्रिप स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव: राधा स्वामी ब्यास प्रबंधन; रेलवे सत्संग स्पेशल ट्रेन चलाए रेलवे: प्रबंधन रैक का किराया जमा कराएं, ट्रेन चला देंगे – Jaipur News

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ब्यास में राधास्वामी सत्संग में जाने वाले लोगों के लिए कई वर्षों से चल रही ब्यास सत्संग स्पेशल ट्रेन का संचालन करने से रेलवे ने इस बार इनकार कर दिया है। रेलवे ने राधास्वामी सत्संग ब्यास प्रबंधन को मुफ्त की बजाय फुल टैरिफ रेट (एफटीआर) से ट्रेन चलाने क

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बता दें कि रेलवे ने गर्मियों की छुट्टियों में नियमित ट्रेनों में वेटिंग को देखते हुए अब तक 15 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने के साथ 260 से अधिक एसी/नॉन एसी कोच लगाए हैं। ऐसे में रेलवे के पास स्पेशल ट्रेन और रैकों की कमी है।

राधास्वामी सत्संग ब्यास प्रबंधन के सचिव डीके सीकरी ने उप रेलवे के प्रिंसिपल सीओएम को 1, 4, 8, 11, 15, 18 मई और 11, 14, 18, 21, 25, 28 सितंबर को अजमेर और जोधपुर से स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया है। इसमें 10 जनरल, स्लीपर और 2 एसी कोच लगाने और ट्रेन को फुलेरा, जयपुर, गांधीनगर, बांदीकुई सहित करीब 15 से अधिक स्टेशनों पर रोकने के लिए कहा है। उधर रेलवे का कहना है कि इस तरह का प्रस्ताव तो प्राइवेट बुकिंग के दौरान दिया जाता है। इसके लिए स्पेशल ट्रेन (रैक) फुल टैरिफ रेट (एफटीआर) लिया जाता है।

रेलवे की प्राथमिकता समर स्पेशल ट्रेनें, इसलिए न रैक हैं, ना पाथ

रेलवे के एसीएम (आर) मदन मीणा के अनुसार बोर्ड ने समर सीजन में अधिक से अधिक समर स्पेशल ट्रेनें चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रेगुलर ट्रेनों में वेटिंग टिकट को कंफर्म करने के लिए एसी/नॉन एसी श्रेणी के अतिरिक्त कोच लगाने के लिए कहा है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनें और रैक की भारी कमी है। वहीं अगर उप रेलवे रैक की व्यवस्था भी कर ले, तो नॉर्दन रेलवे सहित अन्य जोनल रेलवे पाथ (ट्रैक) उपलब्ध नहीं कराता। स्टेशनों पर रिडेवलपमेंट के काम के चलते जगह-जगह ब्लॉक भी लिए हुए हैं।

पहले भी एक समुदाय को इनकार कर चुका रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों एक विशेष समुदाय द्वारा भी रेलवे से उनके आयोजन को देखते हुए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की थी, लेकिन रेलवे ने उन्हें ट्रेन का पूरा किराया (एफटीआर) लेकर ट्रेन चलाने के लिए कहा था। ऐसे में अब अगर रेलवे मुफ्त में स्पेशल ट्रेन चलाता है तो उनके द्वारा विरोध किया जा सकता है। ऐसे में रेलवे विवाद में नहीं पड़ना चाहता।

रैक का किराया 20 लाख रुपए

राधास्वामी प्रबंधन 10-10 जनरल और स्लीपर, दो एसी और दो एसएलआर कोच चलाने के लिए रैक किराए से लेता है तो उसे प्रत्येक ट्रीप 20 से 22 लाख रुपए चुकाने होंगे।

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