पंजाब के बटाला में बीते बुधवार को गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के करीबी करनवीर सिंह और मां हरजीत कौर की हत्या के बाद गैंगवॉर का खतरा मंडरा रहा है। इस हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर एक शेयर कर ली। इसमें कहा गया- हमने अपने भाई गोरे बरय
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इसके बाद भगवानपुरिया गैंग की ओर से एक लंबी पोस्ट साझा की गई, जिसमें मां की हत्या पर शोक जताया गया। साथ ही लिखा गया, ‘अब हमें कोई गलत न कहे, क्योंकि अब हद पार हो चुकी है।’
इस पोस्ट के बाद बंबीहा गैंग की ओर से एक और पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें जग्गू की मां की मौत पर शोक जताते हुए कहा- यह बहुत गलत हुआ। आपसी रंजिश का दोष परिवार को देना ठीक नहीं।
हालांकि, इन सभी पोस्टों की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है, लेकिन एक के बाद एक शेयर की गई पोस्ट के बाद पंजाब के साथ हरियाणा का प्रशासन भी अलर्ट पर है, क्योंकि मां की हत्या में बंबीहा गैंग के दो हरियाणवी गैंगस्टरों प्रभू दासुवाल और कौशल चौधरी का नाम भी सामने आया है। प्रशासन को अंदेशा है कि दोनों गैंगों के बीच कभी भी गैंगवॉर हो सकता है।

सिलसिलेवार ढंग से दोनों गैंगों के बारे में जानिए…
1. जग्गू भगवानपुरिया गैंग
- कबड्डी खिलाड़ी था, गैंगस्टर सेलिब्रिटी के रूप में पेश किया: जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया गुरदासपुर के गांव भगवानपुर का रहने वाला है। उसके नाम पर आज हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी, नशा कारोबार और गैंगवार जैसे 128 मामले दर्ज हैं। वह एक कबड्डी खिलाड़ी था। 2012 में अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद जग्गू गैंगस्टर-सेलिब्रिटी के रूप में उभरा। उसने सोशल मीडिया पर खुद को “रॉबिनहुड” की छवि में पेश किया।
- किशोरावास्था में पहला अपराध किया: जग्गू भगवानपुरिया ने किशोरावस्था में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। उसके खिलाफ पहला आपराधिक मामला नाबालिग अवस्था में ही दर्ज हो गया था, जब उसने एक स्थानीय विरोधी पर हमला किया। इसके बाद उसने अपना एक स्थायी गैंग खड़ा किया, जिसमें स्थानीय बेरोजगार युवाओं, कबड्डी खिलाड़ियों और अपराधी मानसिकता के लड़कों को शामिल किया।
- सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भगवानपुरिया के शूटर: भगवानपुरिया गैंग के पास कितने शूटर हैं, इसकी पूरी जानकारी किसी रिकॉर्ड में नहीं है, लेकिन उसके विश्वसनीय शूटरों की गिनती तकरीबन 50 है, जिनमें कुछ का नाम बड़ी हत्याओं में भी आया है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल कुछ शूटरों का संबंध भगवानपुरिया गैंग से था। उनमें मनदीप सिंह उर्फ तूफान और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी शामिल हैं। वहीं, अमान उर्फ अंडा जर्मनी में बैठा है, जबकि संजू उर्फ साहिल बटाला जेल में बंद है। ये दोनों नाम बीते कुछ सालों में सामने आए हैं।

- सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में मदद की, अदालत में मुकरा: 29 मई 2022 को मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या ने देशभर में सनसनी फैला दी थी। इस हत्याकांड की जांच में खुलासा हुआ कि लॉरेंस और गोल्डी बराड़ के साथ-साथ भगवानपुरिया गैंग ने भी लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, मूसेवाला की जासूसी, उनकी लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी, भगवानपुरिया गिरोह से जुड़े लोगों ने हमलावरों तक पहुंचाई थी। हालांकि, जग्गू ने अदालत में इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में उसके नाम की पुष्टि हुई है।
- वर्चस्व की लड़ाई में लॉरेंस से दूरी बनाई: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद जग्गू भगवानपुरिया और लॉरेंस के बीच रिश्तों में दरार आ गई। दोनों पहले सहयोगी थे, लेकिन वारदात का श्रेय और वर्चस्व को लेकर मतभेद बढ़े। इसी दौरान खडूर साहिब जेल में दोनों गैंगों के बीच गैंगवार हुई, जिसमें जग्गू गैंग के दो साथियों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए। इस हिंसक झड़प ने दोनों गुटों की दुश्मनी को खुलकर सामने ला दिया। घटना के बाद जेलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और दोनों गुटों के सदस्यों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया गया।
- जग्गू असम की जेल में बंद: जुर्म की दुनिया में आने के बाद जग्गू कई बार गिरफ्तार हुआ, लेकिन जमानत पर छूटता रहा और जेल से भी गैंग का संचालन करता रहा। हालांकि, अब 2015 से वह लगातार जेल में ही है। उसे असम की सिलचर जेल में रखा गया है। यह हाई-सिक्योरिटी जेल है। NIA और पंजाब पुलिस की सिफारिश पर उसे पंजाब की जेलों से हटाकर असम भेजा गया, ताकि वह जेल से गैंग का संचालन न कर सके।

2. बंबीहा गैंग
21 की उम्र में अपराध कर कर गैंग बनाया: पंजाब में मोगा के बंबीहा गांव में जन्मा दविंदर सिंह सिद्धू अपराध की दुनिया में दविंदर बंबीहा के नाम से मशहूर हुआ। वह 21 साल की उम्र में ही अपराधी बन गया था। हालांकि, 2016 में ही पंजाब पुलिस ने बठिंडा में उसका एनकाउंटर कर दिया।
गैंगस्टर लॉरेंस के एंटी: मारे जाने से पहले दविंदर अपने गैंग को इतना मजबूत कर गया था कि आज तक उसके साथी गैंग को बड़े पैमाने पर संचालित कर रहे हैं। इस समय दविंदर बंबीहा गैंग देश के सबसे कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस के खिलाफ चल रहा है। बंबीहा की मौत के बाद इस गैंग का सारा दारोमदार आर्मेनिया में बैठे गैंगस्टर लक्की पटियाल और सुखप्रीत सिंह उर्फ सुखप्रीत बुड्ढा पर आ गया था। सुखप्रीत बुड्ढा को पुलिस ने विदेश से डिपोर्ट करवा कर गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, लक्की पटियाल की अभी तक पंजाब पुलिस और भारतीय एजेंसियां लोकेशन तक नहीं पता करवा पाई हैं।

कौशल चौधरी, नीरज बवाना जैसे बड़े गैंगस्टरों का सहयोग: बंबीहा गैंग के साथ गैंगस्टर कौशल चौधरी, उसके साथ चलने वाले सभी गैंग्स और दिल्ली का दाउद कहे जाने वाले नीरज बवाना के गैंग सहित राजस्थान के भी कई गैंग चलते हैं। ये एक-दूसरे के इलाके में वारदात करवाने के लिए एक-दूसरे को शूटर मुहैया करवाते हैं।
500 से ज्यादा शूटर: पंजाब पुलिस की एजेंसियों की मानें तो बंबीहा गैंग के पास इस वक्त करीब 500 से ज्यादा साथी ऐसे हैं, जो अच्छे से शूटिंग जानते हैं। लक्की पटियाल, दविंदर बंबीहा और कौशल चौधरी का यह गैंग पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और दिल्ली जैसे इलाकों में एक्टिव है।

2016 में दविंदर बंबीहा का एनकाउंटर हुआ बठिंडा पुलिस ने साल 2016 में गैंगस्टर दविंदर बंबीहा का रामपुरा फूल इलाके में एनकाउंटर किया था। पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया दविंदर बंबीहा शुरू से ही शार्प शूटर के नाम से जाना जाता था। बंबीहा को फरीदकोट पुलिस ने 11 जून 2014 को लुधियाना में पकड़ा था।
20 जनवरी 2015 को लुधियाना सेंट्रल जेल से मुक्तसर पेशी पर जाते हुए बंबीहा अपने 4 साथियों समेत फरार हो गया था। तब से बंबीहा पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। बताया जा रहा है कि बंबीहा के गुजरात व महाराष्ट्र में भी कई आपराधिक गैंग से संपर्क थे।

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पंजाब में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां और बॉडीगार्ड की हत्या के बाद हरियाणा का गैंगस्टर कौशल चौधरी सुर्खियों में है। हत्या की जिम्मेदारी लेने की जो पोस्ट सोशल मीडिया में डाली गई है, उसमें कौशल चौधरी का भी नाम है। कौशल गुरुग्राम के नाहरपुर रूपा गांव का रहने वाला है। पूरी खबर पढ़ें…