Delhi Pollution Crisis; Artificial Rain | Cloud Seeding Trial | दिल्ली में पहली बार क्लाउड सीडिंग होगी: DGCA ने मंजूरी दी, अगस्त से सितंबर के बीच 5 ट्रायल होंगे; ₹2.5 करोड़ खर्च होंगे

Actionpunjab
4 Min Read


3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
ये इमेज AI से जनरेट की गई है। - Dainik Bhaskar

ये इमेज AI से जनरेट की गई है।

दिल्ली देश पहला राज्य बन गया है, जिसे प्रदूषण से निपटने के लिए क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) के ट्रायल की परमिशन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से मिल गई है। पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यह ट्रायल अगस्त के आखिरी सप्ताह से सितंबर के पहले हफ्ते के बीच किया जाएगा। कुल 5 ट्रायल किए जाएंगे ताकि यह समझा जा सके कि दिवाली और सितंबर के दौरान बढ़ने वाले स्मॉग को कम करने में यह तकनीक कितनी कारगर है।

यह फैसला 7 मई को दिल्ली कैबिनेट की बैठक में लिया गया था। सरकार ने इस योजना को IIT कानपुर के सहयोग से लागू करने का फैसला किया है।

सरकार के मुताबिक, एक बार कृत्रिम बारिश कराने की लागत करीब 66 लाख रुपये होगी, जबकि पूरे ऑपरेशन का खर्च 55 लाख रुपये रहेगा। कुल मिलाकर इस पूरे ट्रायल पर करीब 2 करोड़ 55 लाख रुपए का खर्च आएगा।

दिल्ली की ये तस्वीर नवंबर 2024 की है, तब AQI 450 पार रिकॉर्ड किया गया।

दिल्ली की ये तस्वीर नवंबर 2024 की है, तब AQI 450 पार रिकॉर्ड किया गया।

दिल्ली के बाहरी इलाकों में ट्रायल होगा ट्रायल दिल्ली के बाहरी इलाकों में किया जाएगा। इसके लिए अलीपुर, बवाना, रोहिणी, बुराड़ी, पावी सड़कपुर और कुंडली बॉर्डर के इलाकों को चुना गया है। क्लाउड सीडिंग 30 अगस्त से 10 सितंबर के बीच किया जाएगा। पहले यह ट्रायल जुलाई में होना था, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के सुझाव पर इसे टाल दिया गया।

दिल्ली की AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच जाता है दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अक्सर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच जाता है। पहले भी कई योजनाएं बनाई गईं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। अब सरकार उम्मीद कर रही है कि कृत्रिम बारिश से राहत मिल सकती है।

।IIT कानपुर के स्पेशल एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल होगा ट्रायल की अनुमति DGCA ने दी है। इसके लिए ।IIT कानपुर का एक स्पेशल एयरक्राफ्ट ‘सेसना’ इस्तेमाल किया जाएगा, जो पूरी तरह से क्लाउड सीडिंग उपकरण से लैस है। इसमें अनुभवी पायलट उड़ान भरेंगे।

ट्रायल डेटा से बड़े प्लान की तैयारी दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि सर्दियों से पहले वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके, जब प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है। यह कोशिश एनवायरनमेंट एक्शन प्लान 2025 का हिस्सा है। ट्रायल से जो डेटा मिलेगा, वह भविष्य में क्लाउड सीडिंग को बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करेगा।

साल 2024 में दिल्ली में AQI 494 तक पहुंचा देश में प्रदूषण का स्तर बताने वाले सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली में प्रदूषण अक्टूबर-नवंबर में बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इसका AQI 494 पार कर गया। CPCB ने इतने AQI को सीवियर+ कैटेगरी में रखा है। इस हवा में सांस लेने वाला स्वस्थ्य व्यक्ति भी बीमार हो सकता है।

प्रदूषण बढ़ता देख सुप्रीम कोर्ट ने AQI सुधारने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के स्टेज-4 के सभी प्रतिबंध लागू करने के आदेश दिए थे।

——————————————

ये खबर पढ़ें…

दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 13 भारत के, दिल्ली सबसे पॉल्यूटेड कैपिटल

दुनिया को 20 सबसे प्रदूषित शहरों में 13 भारत के हैं। मेघालय का बर्नीहाट शीर्ष पर है। वहीं, दिल्ली सबसे प्रदूषित कैपिटल की कैटेगरी में टॉप पर है। रिपोर्ट में भारत को दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में पांचवां स्थान दिया गया है। 2023 में हम तीसरे स्थान पर थे यानी पहले से दो स्थान नीचे आए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *