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बंद हुए स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से बात करते आम आदमी पार्टी के नेता
झांसी समेत उत्तर प्रदेश में योगी सरकार कम संख्या वाले स्कूलों को मर्ज कर उनके विद्यार्थियों को वहां पहुंचा रही है। लेकिन आम आदमी पार्टी इसका विरोध कर रही है।
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इसी कड़ी में सोमवार को आप के नेता और कार्यकर्ता स्कूल बचाओ अभियान में दतिया गेट के एक स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि सरकार ने शराब की दुकान को स्कूल से दूर करने की जगह स्कूल को ही दूर कर दिया।
सोमवार को आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरशद खान और महानगर अध्यक्ष गयादीन कुशवाहा के नेतृत्व में आप के कार्यकर्ता स्कूल बचाओ अभियान में दतिया गेट पहुंचे। यहां वह हाल ही में आए यूपी सरकार के आदेश के बाद बंद किए गए स्कूल पहुंचे।
यहां उन्होंने उन बच्चों से बात की जो बंद हो चुके स्कूल के विद्यार्थी हैं। यहां बच्चों ने बताया कि अब उनका स्कूल दो किलोमीटर दूर हो गया है। इसको लेकर जिलाध्यक्ष अरशद खान ने कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश में 27000 विद्यालय बंद कर दिए हैं लेकिन शराबखाने लगातार खोले जा रहे हैं।
आप नेताओं के मुताबिक स्कूल के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां आसपास कई मलिन बस्तियां हैं। यहीं के बच्चे स्कूल में पढ़ने आते थे लेकिन सरकार ने इसे बंद कर दिया है। ऐसे में बच्चों को अब पढ़ाई के लिए घर से दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
बताया कि स्कूल के सामने ही कुछ दुकाने छोड़कर शराब की दुकान खुली हुई है। आप के महानगर अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार को बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है वह नियम कानून की भी धज्जियां उड़ा रही है।
यही वजह है कि जिस स्कूल से शराब की दुकान को दूर होना चाहिए था लेकिन शराब की दुकान वहीं है और स्कूल उससे दो किलोमीटर दूर कर दिया गया है। कहा कि पास में ही मंदिर है, जिनको लेकर आदेश है कि शराब की दुकान मंदिर या स्कूल के पास नहीं होगी। बावजूद इसके नियम ताक पर रख दिए गए हैं।
सरकार बच्चों का भविष्य बर्बाद करना चाहती है
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरशद खान ने कहा कि जहां स्कूलों और उसमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ाने पर भाजपा सरकार को काम करना चाहिए था, वहां सरकार स्कूल बंद कर बच्चों का भविष्य अंधकार में डालना चाहती है। बोले, भाजपा का उद्देश्य बच्चों को शराबी, उन्मादी और नशेड़ी बनाना है, जिससे वह उन्हें जब चाहे और जैसे चाहे इस्तेमाल कर सके।
भवन स्वामियों को लाभ देने की योजना पर काम कर रही सरकार
महानगर अध्यक्ष गयादीन कुशवाहा ने कहा कि अधिकांश शहरी क्षेत्रों के स्कूल जो बंद किए जा रहे हैं, वह निजी भवनों में संचालित हैं। इनमें से अधिकांश पर केस भी चल रहे हैं। कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि स्कूल मर्जर के पीछे असली मकसद कहीं ये तो नहीं है कि स्कूलों के भवन खाली होने के बाद उन्हें स्वामियों को सौंप दिया जाए।