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सवाई मानसिंह हॉस्पिटल की प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी विभाग की प्रोफेसर डॉ. संगीता ठकुरानी ने प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े भ्रम को दूर किया है। (कॉन्सेंप्ट फोटो)
सवाई मानसिंह हॉस्पिटल की प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी विभाग की प्रोफेसर डॉ. संगीता ठकुरानी ने प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े भ्रम को दूर किया है। उन्होंने बताया कि यह सर्जरी सिर्फ अमीर या मशहूर लोगों के लिए नहीं है। यह हर किसी के लिए उपलब्ध और किफायती ह
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डॉ. ठकुरानी ने बताया- प्लास्टिक सर्जरी का क्षेत्र बहुत विस्तृत है। यह सभी सर्जिकल विशेषज्ञताओं में सबसे व्यापक है। इसमें नवजात से लेकर वृद्ध तक, सभी आयु वर्ग शामिल हैं। यह पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर – सभी के लिए उपयोगी है।
प्लास्टिक सर्जरी का अर्थ है शरीर के ऊतकों को फिर से बनाना या सुधारना। इसमें दुर्घटना और जलने के घावों की मरम्मत से लेकर कैंसर के बाद पुनर्निर्माण तक शामिल है। छोटे या गैरमौजूद कानों का पुनर्निर्माण, पलकों का पुनर्निर्माण, फटे होंठ या तालू की मरम्मत भी इसमें की जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक सर्जरी और कॉस्मेटिक सर्जरी अलग-अलग हैं। प्लास्टिक सर्जरी में ऊतकों का पुनर्निर्माण इस तरह किया जाता है कि आसपास के ऊतक प्रभावित न हों। इससे मरीज को सामान्य जीवन जीने में मदद मिलती है।
जन्मजात विकृति का ठीक करना भी संभव
जलने, संक्रमण या कभी-कभी जन्म के कारण विकृत हो चुके रोगियों की उंगलियों, जोड़ों या अन्य किसी अंग को पुनः सामान्य स्थिति में लाना भी प्लास्टिक सर्जरी का ही हिस्सा है। इसके अलावा, चेहरे और धड़ पर भद्दे दिखने वाले निशानों, सूजन का इलाज या उन्हें हटाना या दुर्घटना के मामलों में तंत्रिकाओं की मरम्मत करना, हाथ की कार्यक्षमता को बहाल करने के लिए सर्जरी करना, आमतौर पर प्लास्टिक सर्जन द्वारा की जाती है।
कॉस्मेटिक सर्जरी का भी बड़ा दायरा
कॉस्मेटिक सर्जरी सामान्य शरीर के अंगों पर की जाती है ताकि उनकी सुंदरता में सुधार हो या उम्र,जीवनशैली,हार्मोन संबंधी बदलावों को रोक कर पहले जैसी अवस्था में लाया जा सके। कई बार अच्छी बॉडीशेप प्राप्त करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, भरे हुए स्तन पाने के लिए स्तन वृद्धि, सुडौल धड़ के लिए लाइपोसक्शन, चेहरे की ढीली त्वचा को ठीक करने के लिए फेस लिफ्ट और घटती हेयर लाइन के इलाज के लिए हेयर ट्रांसप्लांट वगैरह। ये सर्जरी कपड़ों की तरह ही व्यक्तिगत होती हैं क्योंकि हर मरीज़ की एक खास ज़रूरत होती है और शरीर की अलग-अलग विशेषताओं को भी ध्यान में रखना होता है। प्लास्टिक सर्जरी के इसी पहलू को मीडिया और फिल्मों में खूब दिखाया जाता है। लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया जाना चाहिए कि यह गंभीर प्रक्रिया है। इसमें एक उचित सर्जिकल सेटअप या अस्पताल की ज़रूरत होती है जहाँ एक प्रशिक्षित सर्जन और एनेस्थीसिया टीम किसी भी आकस्मिक आपात स्थिति के लिए पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्ध हो।
नवाचारों के साथ बढ़ रही प्लास्टिक सर्जरी
प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में हाल ही में कई प्रगति हुई हैं। इसमें पुनर्निर्माण सर्जरी में हम दोषों की मरम्मत से लेकर हाथ प्रत्यारोपण और यहाँ तक कि चेहरे के प्रत्यारोपण तक पहुँच चुके हैं, वहीं सौंदर्य सर्जरी में तकनीकी प्रगति तेज़ी से बढ़ रही है। भारत में अब 5-6 केंद्र ऐसे हैं जहाँ दोनों हाथों के प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। गंभीर रूप से जले हुए रोगियों के लिए दान की गई त्वचा का उपयोग करने हेतु त्वचा बैंकों की स्थापना भारत भर के कई राज्यों में की जा रही है। कई नए प्रकार की ड्रेसिंग हैं जो सबसे गंभीर घावों को भी लाभ पहुँचा सकती हैं और कभी-कभी सर्जरी को टाल भी सकती हैं।लेज़र, सौंदर्य उपकरण, लाइपोसक्शन पद्धतियां, ऊर्जा आधारित त्वचा कसने या रंगहीन करने वाली कई मॉडर्न तकनीक एवं मशीन है, जो न्यूनतम डाउन टाइम और नगण्य जटिलता के साथ बेहतर परिणाम देती हैं।