सरफराज वारसी | बाराबंकी5 मिनट पहले
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बाराबंकी जिला भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर जनजीवन और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। अस्पतालों में उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। गर्म हवा के थपेड़ों और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कें और बाजार सुनसान दिखाई दे रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई है।
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भीषण गर्मी के कारण जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। उल्टी, दस्त, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों ने लापरवाही बरतने पर लू लगने के खतरे के प्रति आगाह किया है।
गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव स्कूली बच्चों पर देखा जा रहा है। बड़ेल चौराहा के पास एक निजी स्कूल के बाहर बच्चे का इंतजार कर रहीं अभिभावक सीमा और पायनियर चौराहे पर मौजूद महेश ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से धूप इतनी तेज है कि बच्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बच्चों में लू लगने के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और लस्सी का सेवन करते रहें, ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर जाते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को टोपी, छाते या गीले कपड़े से ढककर रखें।

डॉक्टरों ने तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों के सेवन की सलाह दी है। साथ ही, बासी और भारी भोजन से बचने को कहा गया है। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद गाड़ियों में अकेला न छोड़ने की भी अपील की गई है।
