कर्नल पुष्पिंदर बाठ मामले में सीबीआई ने जांच शुरू की।
पंजाब के पटियाला में कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ से मारपीट मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने जांच शुरू करते ही नए सिरे से एफआईआर दर्ज की है। इसमें तीन इंस्पेक्टरों समेत कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गय
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आरोपियों में इंस्पेक्टर रोनी सिंह, हैरी बोपाराय, हरजिंदर सिंह, राजवीर सिंह, सुरजीत सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 351(2), 109, 310, 117(1), 117(2), 126(2) और 190 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर की कॉपी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट समेत छह जगह भेजी गई। वहीं, कर्नल की पत्नी जसविंदर कौर ने कहा कि मेरी जंग जारी है। परमात्मा पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि मैंने इस जगह के लिए 140 दिन लगातार जंग लड़ी है। पहले इस मामले की जांच पंजाब पुलिस कर रही थी। लेकिन पीड़ित परिवार की याचिका पर जांच चंडीगढ़ पुलिस और अबी सीबीआई को सौंपी गई है।
कर्नल व उनके बेटे से हुई थी मारपीट
पटियाला में 13-14 मार्च की रात को आर्मी कर्नल से मारपीट की गई, तब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचा तो पुलिस ने 9 दिन बाद बाई नेम FIR दर्ज कर 12 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया। इसमें 5 इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।

कर्नल पुषपिंदर बाठ अपनी चोट दिखाते हुए । (फाइल फोटो)
कर्नल और बेटे को राजिंदरा अस्पताल में करवाया भर्ती
कर्नल बाठ ने बताया था कि जब वे गाड़ी स्टार्ट कर जाने लगे तो उन लोगों ने डंडे और सरिए मारकर गाड़ी तोड़नी शुरू कर दी। इसी बीच बेटे के दोस्त ने कर्नल की पत्नी को फोन पर पूरी बातचीत बताई। इसके बाद कर्नल और उनके बेटे को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां कर्नल के बाएं हाथ में फ्रैक्चर निकला।

कर्नल का बेटा अंगद, इसे भी सिर पर गहरे जख्म आए थे। {फाइल फोटो)
विधानसभा में उठा मुद्दा
कर्नल बाठ से पंजाब पुलिस के मुलाजिमों की तरफ से की गई गुंडागर्दी का मुद्दा बजट सेशन के दौरान पंजाब विधानसभा में उठा। विरोधियों ने पंजाब की AAP सरकार को विधानसभा में घेरा और बताया कि किस तरह से पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर तार-तार हो रहा है।
सेना के पूर्व अफसरों ने पटियाला में धरना दिया। पटियाला के बीजेपी नेताओं ने SSP नानक सिंह से मिलकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। जैसे ही मामला विधानसभा में उठा तो नई एफआईआर दर्ज कर एसआईटी बनाई थी। साथ ही परिवार को सुरक्षा दी गई थी।