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फतेहाबाद जिले के रतिया में एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के मायका पक्ष ने ससुराल पक्ष पर जलती चिता बुझाकर अधजले शव-अवशेष, अस्थियां और राख जबरन ले जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में थाना सिटी रतिया में लिखित शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता अवतार सिंह निवासी गांव बरे तहसील बुढलाडा जिला मानसा ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन गुरदीप कौर (पत्नी मलकीत सिंह, निवासी ढाणी बाबणपुर) को ससुराल पक्ष द्वारा लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि पति, जेठ और जेठानी के दुर्व्यवहार तथा मारपीट से परेशान होकर गुरदीप कौर ने 11 मई 2026 को जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इलाज के दौरान तोड़ा दम गंभीर हालत में गुरदीप कौर को पहले रतिया के सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। हिसार के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 13 मई 2026 को उसकी मौत हो गई। इस मामले में पहले ही थाना सदर रतिया में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव अंतिम संस्कार के लिए मायका पक्ष को सौंपा था। पुलिस ने दिया था आश्वासन ससुराल पक्ष शव को अपने गांव ले जाने की मांग कर रहा था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर रतिया में ही अंतिम संस्कार करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद 14 मई 2026 को गुरदीप कौर का अंतिम संस्कार रामबाग श्मशान घाट, रतिया में किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, अंतिम संस्कार के समय पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे और चिता की निगरानी के लिए कुछ रिश्तेदार वहीं रुके थे। जलती चिता पर पानी डालकर बुझाया शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसी शाम करीब 6 बजे आरोपी पक्ष के लोग श्मशान घाट में पहुंचे और जानबूझकर जलती चिता पर पानी डालकर उसे बुझा दिया। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि आरोपियों ने अधजले शव-अवशेष, अस्थियां और राख जबरन उठाकर अपने साथ ले गए। प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने “क्रूरता और अमानवीयता” का परिचय देते हुए यह कृत्य किया, जिससे मृतका के परिवार की धार्मिक भावनाएं गहरे रूप से आहत हुई हैं। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शिकायत में मलकीत सिंह पुत्र दर्शन सिंह निवासी ढाणी बाबणपुर, कर्मा, सुखविंदर सिंह, तरसेम सिंह, स्वर्ण सिंह तथा सन्नी उर्फ कारिया समेत 4-5 अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, शव-अवशेषों के अपमान, साक्ष्य नष्ट करने, आपराधिक अतिक्रमण और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही श्मशान घाट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित करने तथा प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान तत्काल दर्ज करने की भी मांग उठाई गई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस को दी गई है जांच जारी है।
रतिया में जलती चिता बुझाकर अवशेष ले जाने का आरोप:महिला ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था; अंतिम संस्कार को लेकर विवाद
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