Tulsi Jayanti celebrations started in Kashi | काशी में तुलसी जयंती समारोह का हुआ शुभारंभ: महंत विश्वम्भर नाथ बोले- कलिकाल में रामचरितमानस ही सबसे बड़ा मार्गदर्शक और गुरु – Varanasi News

Actionpunjab
2 Min Read


वाराणसी के तुलसी घाट पर दो दिवसीय तुलसी जयंती समारोह का शुभारंभ भव्य रूप से हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन रामचरितमानस, भारतीय संस्कृति और लोकचेतना पर विचार विमर्श करते हुए वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास के योगदान को युगों तक प्रासंगिक बताया।

.

बड़ा मार्गदर्शन और गुरु है – महंत

अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के पीठाधीश्वर प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने कहा कि आज का समय असमंजस और भय का है। लोगों को डर है कि उनका आस्था, संस्कार और विश्वास कहीं खो न जाए। ऐसे संक्रमण काल में रामचरितमानस ही सबसे बड़ा मार्गदर्शक और गुरु है। उन्होंने कहा कि कलिकाल में मानस ही सबसे अधिक प्रासंगिक ग्रंथ है जिसे जीवन में उतारना आवश्यक है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी कार्यक्रम में हुए शामिल।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी कार्यक्रम में हुए शामिल।

तुलसीदास के विचार समाज को दिखा रहे दिशा- अजय राय

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा – काशी की संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक समरसता का सूत्रपात तुलसीदास के मार्ग पर चलकर ही संभव है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास के विचार आज भी समाज को दिशा दिखा सकते हैं। उन्होंने तुलसी दास द्वारा लिखे गए ग्रंथ पर पुष्पांजलि करते हुए आयोजकों के बातों को सुना।

काशी के विशिष्ट लोगों ने रामचरित मानस पर रखे अपने विचार।

काशी के विशिष्ट लोगों ने रामचरित मानस पर रखे अपने विचार।

तुलसीघाट पर राम नाम का हुआ कीर्तन

प्रो. देवव्रत चौबे और पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य ने गोस्वामी तुलसीदास को दलितों, वंचितों और उपेक्षितों का मित्र बताते हुए कहा कि उन्होंने राम को जन-जन के हृदय में उतारा। उन्होंने हनुमान की मूर्ति को लोकचेतना में स्थान दिलाया और राम के नाम से लोगों को लौकिक और पारलौकिक चेतना प्रदान की। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण और मोहित साहनी द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुई। अतिथियों का स्वागत राघवेंद्र पांडेय ने किया तथा संचालन श्रीनिवास पांडेय ने किया।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *