134 percent increase in villages, 30 percent increase in cities | बिजली खपत का रिकॉर्ड: गांवों में 134 प्रतिशत, शहर में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी – Bikaner News

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बीकानेर जिले में बिजली खपत ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अगस्त महीने में बिजली की खपत पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग शहर से कई गुना ज्यादा बढ़ गई है। बिजल

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बीकानेर में बिजली की खपत जिस तेजी से बढ़ रही है, वह सिर्फ विभाग ही नहीं, बल्कि आमजन और प्रशासन के लिए भी चुनौती है। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में ओवरलोडिंग और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझें और बिजली का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। वहीं, प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए दीर्घकालिक समाधान तैयार करने होंगे।

बिजली खपत बढ़ने के पीछे कारण

  • गर्मी और उमस का असर: इस साल तापमान पिछले साल जैसा ही रहा। अधिकतम तापमान दोनों वर्षों में 41 डिग्री दर्ज किया पर इस बार आर्द्रता ज्यादा रही। एसी का उपयोग कई गुना बढ़ा।
  • खेती-बाड़ी की जरूरतें: किसानों को इस बार पर्याप्त बारिश नहीं मिली। खेतों की सिंचाई के लिए नलकूपों और ट्यूबवेल पर निर्भरता बढ़ गई। हर खेत में मोटरें चलने लगीं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और उपकरणों का उपयोग: गांवों में भी अब पंखे, कूलर, फ्रिज और एसी का उपयोग पहले से ज्यादा बढ़ा है। सामाजिक आयोजनों में भी बिजली की मांग बढ़ गई।

आंकड़ों का गणित: इस साल की खपत कहां पहुंची ?

शहरी क्षेत्र- 17 अगस्त 2024 को बिजली खपत 26.36 लाख यूनिट थी। 17 अगस्त 2025 को यह बढ़कर 42.10 लाख यूनिट हो गई। यानी खपत में लगभग 60% की वृद्धि। ग्रामीण क्षेत्र- 17 अगस्त 2024 को खपत 72.66 लाख यूनिट थी। 17 अगस्त 2025 को यह बढ़कर 241.25 लाख यूनिट हो गई। यानी खपत में 133.99% की रिकॉर्ड वृद्धि।

आमजन को क्या करना चाहिए? बिजली उपकरणों का उपयोग समझदारी से करें। अनावश्यक रूप से पंखे, लाइट और एसी चालू न रखें। पानी की मोटर का उपयोग सीमित समय पर करें। गांवों में सामूहिक रूप से बिजली बचत अभियान चलाना जरूरी है। सोलर पैनल और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाएं।

“बीकानेर जिले में इस बार बिजली की खपत पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक बढ़ी है। शहरी क्षेत्र में जहां 60% बढ़ोतरी दर्ज हुई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 134% तक पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह उमस, गर्मी और किसानों द्वारा सिंचाई कार्यों में बिजली का अधिक उपयोग है। विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिले। लोड मैनेजमेंट के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।” -केके कस्वां, संभागीय मुख्य अभियंता (बीकानेर संभाग)

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