वाराणसी के कबीरचौरा राजकीय महिला चिकित्सालय में प्रसव पीड़ा के बाद टीनशेड में बच्चे को जन्म देने का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा हो गया। रविवार को अस्पताल में टीन शेड में मामले का महिला आयोग ने संज्ञान लिया है।
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इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी गलती मानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने इस मामले की जांच के आदेश दिए। अब तक जांच में दोषियों पर कार्रवाई तो नही हुई लेकिन मामले में अब नया मोड आ गया है।
वीडियो बनाकर वायरल करने वाले रिटायर्ड मेट्रन के बेटे सोनू के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। वहीं लापरवाही पर डॉक्टर के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। उस दिन ड्यूटी गार्ड की भी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की है।
सबसे पहले जानिए पूरा मामला
रविवार की रात वाराणसी राजकीय महिला चिकित्सालय, कबीरचौरा में एक प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। मदनपुरा की रहने वाली सितारा देवी अपनी बहू को लेकर अस्पताल आई थी। इसके बाद उन्होंने डिलीवरी कराने की गुहार लगाई तो मेडिकल स्टाफ ने दौड़ाना शुरू किया।
आरोप है कि शाम के 6 बजे महिला अस्पताल के लोग कभी इस बिल्डिंग से उस बिल्डिंग दौड़ाते रहे। कभी पुराने तो कभी नए वाले इमरजेंसी में भेजा। जब नए में पहुंचे तो वहां से हमें पुराने वाले में भजे दिया गया।
वहां गए तो वहां से फिर हमें नए वाले में भेजा गया, वहां से बीएचयू रेफर करने की बात कही लेकिन कोई पर्चा नहीं दिया गया। इसके बाद परिवार प्रसूता को प्रसव पीड़ा के बीच तड़पता लेकर मदनपुरा घर वापस लौट गए।
नेता के आश्वासन पर फिर आए अस्पताल
महिला के पति मोनू ने बताया- उसके बाद एक नेता के कहने पर हम दोबारा आये तो यहां हमें पर्चा बनाने के लिए दौड़ाया गया। तब तक तीन शेड के नीचे मेरी पत्नी को दर्द होने लगा और उसने बेंच पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। जिसके बाद नर्स आयीं और नाल काटी और फिर मेरी पत्नी को एडमिट किया गया।
बनारस के कबीर चौरा जिला महिला अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची गर्भवती को अस्पताल से भागने का आरोप लगा है। इसका वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया तो मामले में महिला आयोग ने संज्ञान ले लिया।
लापरवाहों को छोड़कर सच्चाई दिखाने वाले पर केस
रविवार की रात वाराणसी राजकीय महिला चिकित्सालय, कबीरचौरा में टीन शेड के नीचे बच्चा होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अस्पताल की एसआईसी ने इस मामले का वीडियो बनाकर वायरल करने वाले रिटायर्ड मेट्रन के बेटे सोनू के नाम कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं लापरवाही पर डॉक्टर के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा उस दिन ड्यूटी गार्ड की भी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की है।
वहीं पीड़ित महिला की सास ने कहा कि हम उस वीडियो से जो वायरल हुआ उससे कोई आपत्ति नहीं है। जबकि एसआईसी ने इसे निजता का हनन बताते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
डॉक्टर ने कहा, वीडियो बनाकर छवि बिगाड़ी
एसईसी नीना वर्मा ने कैमरे पर न आते हुए बताया – हमारे यहां जो हुआ वो सबको पता है। अब हमने उस घटना का वीडियो बनाने वाले सोनू नाम के युवक पर मुकदमा दर्ज कराया है। सीसीटीवी में उसका साथ गार्ड भी देता दिख रहा है। ऐसे में उसे हमने सस्पेंड कर दिया है। बाकी तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं उन्होंने डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ पर कार्रवाई के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया।