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बीएसएफ के जवानों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा।
फाजिल्का के सरहदी गांव में सतलुज के पानी में बीएसएफ पोस्ट डूब चुकी हैं। हालात बिगड़ते जा रहे हैं । ऐसे में गुरुवार को हो रही भारी बरसात लोगों के लिए तो मुसीबत बन ही रही है। वहीं प्रशासन के लिए भी चैलेंज बन गई है। क्योंकि पीछे से डैम से छोड़ा जा रहा प
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फाजिल्का में आज अचानक मौसम ने करवट ले ली। सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे कि बादल और घने होते गए और बरसात शुरू हो गई। हल्की बूंदाबांदी से शुरू हुई बरसात ने अचानक विकराल रूप ले लिया और बहुत तेज रफ्तार से बरसात पड़ने लगी। कुछ ही समय में शहर की गलियां जल थल हो गई।
यहां जिकरयोग है कि एक तरफ फाजिल्का के सरहदी इलाके के कई गांव पानी की चपेट में आने से डूब चुके हैं। सतलुज तूफान पर है। ऐसे में ऊपर से पड़ रही बरसात लोगों के लिए मुसीबतें तो बड़ा ही रही है। वहीं प्रशासन के लिए भी यह चैलेंज बन रही है। क्योंकि सरहदी इलाके में लोगों को रेस्क्यू करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोगों को लगातार सुरक्षित स्थानों पर आने की अपील की जा रही है।
बाढ़ से 20 गांव प्रभावित गांव मुहार जमशेर के पास बीएसएफ पोस्ट प्रभावित हुई है। गांव तीन तरफ से पाकिस्तान से और चौथी तरफ से सतलुज नदी से घिरा हुआ है। पोस्ट तक पहुंचने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बचा है, जिससे बीएसएफ को राशन और अन्य सामान नाव से ले जाना पड़ रहा है। जवान पानी से पैदल गुजरकर पोस्ट तक जा रहे हैं।
फाजिल्का के 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें मुहार जमशेर भी शामिल है। डीसी अमरप्रीत कौर संधू ने कहा कि सतलुज पार के गांवों से सड़क संपर्क टूट चुका है, जिससे मुहार जमशेर गांव से संपर्क टूट गया है। लगभग 70 लोग पलायन कर चुके हैं, और बीएसएफ पोस्ट भी प्रभावित हुई है।