झज्जर जिले के गांव कोहंद्रावली व निवादा के खेतों में जलभराव का फाईल फोटो।
इस बार हुई मानसून की बारिश में झज्जर जिले के किसानों की हजारों एकड़ फसल जलभराव के कारण खराब हो गई। जिसके लिए सरकार की ओर से ई क्षति पूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है। झज्जर जिले के किसानों की हजारों एकड़ फसल इस बार बर्बाद हुई है। किसान जलभराव से खराब हुई फ
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किसानों को जलभराव के कारण जिन फसलों में नुकसान हुआ है। उनको मुआवजा राशि के लिए पोर्टल खोला जा चुका है। वहीं जिन गावों में किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं उसके बाद उन गावों में दौरा कर गिरदावरी भी की जाएगी। इस बार के मानसून में खराब फसल के मुआवजे की मांग को लेकर किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा चुके हैं।
प्रशासन से मिल किसान लगा चुके मुआवजे की गुहार
बारिश के कारण इस बार कई हजार एकड़ फसल जलभराव के कारण बर्बाद हो चुकी है। जिले के गांव दूबलधन, माजरा, लडायन, मुंढाहेड़ा, बिरड़, बिरोहड़, ढराना, छुड़ानी व अन्य गावों के किसान जिला प्रशासन से फसल खराब के मुआवजे की मांग को लेकर मिल चुके हैं। वहीं गावों के किसानों के लिए अब ई क्षति पूर्ति पोर्टल 10 सितंबर तक खोल दिया गया है।

झज्जर डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल।
सत्यापन के लिए की जाएगी गिरदावरी
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि किसान अपनी फसल खराबे की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकते है। उन्होंने बताया कि राजस्व अधिकारियों द्वारा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्राप्त दावों का विशेष गिरदावरी के रूप में सत्यापन किया जाएगा और आकलन के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा जारी किया जाएगा।
संबंधित राजस्व अधिकारी/कर्मचारी जैसे पटवारी, कानूनगो, सर्कल राजस्व अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी, उप मंडल अधिकारी, नुकसान का आकलन करेंगे।