लखनऊ4 मिनट पहले
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने श्रीराम स्वरूप विश्वविद्यालय के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। स्थानीय अधिवक्ता आशीष सिंह ने याचिका दाखिल कर घटना की न्यायिक आयोग से जांच कराने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि यह मांग पीड़ित छात्रों को स्वयं करनी चाहिए थी। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि याचिका के निस्तारण का मतलब यह नहीं है कि विश्वविद्यालय या अन्य प्रतिवादियों के किसी अवैध कृत्य को नजरअंदाज किया जा रहा है।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच आयोग बनाने की मांग की थी। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई थी। न्यायालय ने विधि पाठ्यक्रम से जुड़े मामले में बताया कि इस विषय पर पहले से ही एक जनहित याचिका विचाराधीन है।