Last two days of Pitru Paksha, Pitru paksha significance in hindi, Sarvpitru moksha amawasya rituals in hindi | पितृ पक्ष के अंतिम दो दिन: आज चतुर्दशी तिथि पर करें दुर्घटना में मरे हुए लोगों का श्राद्ध, कल सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर खत्म होगा पितृ पक्ष

Actionpunjab
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11 घंटे पहले

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आज (20 सितंबर) पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि है और कल 21 सितंबर को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या है, ये पितृ पक्ष की अंतिम तिथि है। इसके बाद 22 तारीख से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएगी। इस साल सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर सूर्य ग्रहण भी होगा, लेकिन ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए देश में इसका सूतक भी नहीं रहेगा, पूरे दिन अमावस्या से जुड़े धर्म-कर्म किए जा सकेंगे।

20 सितंबर को करें चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, पितृ पक्ष की चतुर्दशी और अमावस्या तिथियों का महत्व काफी अधिक माना जाता है। चतुर्दशी तिथि पर उन लोगों के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं, जिनकी मृत्यु असमय हुई हो। इस दिन वीरगति प्राप्त सैनिक, जल में डूबे व्यक्ति या किसी दुर्घटना में मरे हुए पितरों के लिए श्राद्ध कर्म किए हैं। जिन लोगों ने आत्महत्या की थी, उनके लिए इसी तिथि पर श्राद्ध करने की परंपरा है।

21 सितंबर को सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या

यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन है, इसे सर्वपितृ अमावस्या या महालय अमावस्या कहा जाता है। जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, उनके लिए इसी दिन श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इस पितृ पक्ष में जिन मृत लोगों के लिए श्राद्ध करना भूल गए हैं, उनके लिए इसी तिथि पर श्राद्ध करना चाहिए। इस दिन तर्पण और पिंडदान करने से सभी पितरों की आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है।

भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण

21 सितंबर को सूर्य ग्रहण भी हो रहा है। ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए देश में इसका सूतक भी नहीं रहेगा। जिन जगहों पर ये ग्रहण दिखेगा, वहां ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाएगा और ग्रहण खत्म होने तक रहेगा। ये सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 21 सितंबर की रात करीब 11 बजे से शुरू होगा और रात 3.24 बजे खत्म होगा। ये सूर्य ग्रहण न्यूजीलैंड, पश्चिमी अंटार्कटिका के आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देगा।

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