वर्क सस्पेंड करके नारेबाजी करते हुए वकील
भिवानी के कोर्ट में वकीलों ने वीरवार को वर्क सस्पेंड किया। इस दौरान वकीलों ने कहा कि पहले महीने में एक दिन भिवानी में मंडल आयुक्त की कोर्ट लगती थी। लेकिन अब मंडल आयुक्त ने भिवानी कोर्ट लगने से मना कर दिया है। इसके विरोध में वर्क सस्पेंड किया और कहा क
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भिवानी बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप तंवर ने कहा कि रोहतक मंडल के तहत भिवानी, दादरी, झज्जर, सोनीपत व रोहतक आते हैं। महीने के अंदर एक बार डीसी की अपील सुनने के लिए मंडल आयुक्त कैंप ऑफिस में कोर्ट लेते थे। एक-एक दिन सभी जगह रहती थी। जनहित में सरकार ने लोगों को परेशानी ना हो, इसके लिए व्यवस्था की हुई थी। मंडल आयुक्त स्वयं जिले में आएंगे और केसों की सुनवाई करेंगे।

वर्क सस्पेंड करते हुए वकील
स्वयंभू आदेश जारी किया प्रधान संदीप तंवर ने कहा कि वर्तमान के मंडल आयुक्त ने सरकार द्वारा जनहित के लिए की व्यवस्था को भंग किया है। साथ ही स्वयंभू आदेश जारी किया है कि वे जिला मुख्यालय पर नहीं जाएंगे। किसी को अपने केस की सुनवाई करवानी है तो वे अपने वकील को लेकर रोहतक आए। इसलिए वर्क सस्पेंड किया गया है। मांग है कि उनके द्वारा स्वयंभू आदेश को रद्द करें और सरकार द्वारा जनहित में बनाई कई वर्षों से चल रही व्यवस्था सुचारू रूप से चले।
प्रधान संदीप तंवर ने कहा कि रोहतक में आयुक्त कोर्ट लगने के चलते वकीलों व पीड़ितों को परेशानी होगी। उन्हें अब 55 से 100 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा। जिसके कारण समय की बर्बादी होगी और खर्च भी अधिक बढ़ेगा। इसलिए आयुक्त कोर्ट वापस भिवानी में लगाई जाए। जिससे कि पीड़ित लोगों की समस्याओं व शिकायतों की सुनवाई समय पर हो सके।

डीसी से मिलने पहुंचे वकील
भिवानी में लगाएं मंडल आयुक्त की कोर्ट एडवोकेट संदीप कौशिक एक तरफ कहते है कि सरकार आपके द्वार और दूसरी तरफ ऑफिसर अपनी ड्यूटी से आर-पार। पब्लिक लाइन लगाकर खड़े रहते हैं और उनकी सुनवाई नहीं करते। उन्होंने कहा कि एक तरफ हर रोज 100-150 लोग रोहतक तक का सफर करें या फिर एक अधिकारी सफर करे। न्याय को सुलभ करवाने के लिए सरकार दावे करते हैं, लेकिन इस फैसले का वे विरोध करते हैं। मंडल आयुक्त कोर्ट को भिवानी में भी लगाया जाए।