विशाल मौर्य | उन्नाव1 मिनट पहले
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कालाबाजारी का वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की गई है।
उन्नाव जिले में मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) के तहत आए चावल को बेचने के मामले में एक प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। सफीपुर ब्लॉक के मेथीटिकुर उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शशि प्रभा पर यह कार्रवाई जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमिता सिंह ने दैनिक भास्कर की खबर और जांच के बाद की है।
यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय लोगों ने प्रधानाध्यापिका को विद्यालय खुलने से पहले सरकारी राशन के बोरे बेचते हुए एक वीडियो बनाया। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के तुरंत बाद बीएसए ने जांच के आदेश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रधानाध्यापिका शशि प्रभा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी फतेहपुर चौरासी के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
बीएसए अमिता सिंह ने बताया कि शासन की योजना के तहत बच्चों के लिए भेजा गया चावल सरकारी संपत्ति है और इसे बेचना एक गंभीर अनियमितता है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर आगे और कठोर कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने संबंधित विद्यालय के रिकॉर्ड की दोबारा जांच करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहले भी राशन की कोई हेराफेरी तो नहीं हुई थी।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय में पहले भी एमडीएम के खाद्यान्न और सामग्री में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रही हैं। हालांकि, इस बार यह मामला कैमरे में कैद हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर सख्त निगरानी रखने की मांग की है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।
इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अन्य विद्यालयों में भी सतर्कता बढ़ गई है। कई प्रधानाध्यापक अब एमडीएम स्टॉक और वितरण व्यवस्था को लेकर अधिक सावधान हो गए हैं। बीएसए की इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस घटना की रिपोर्ट शासन स्तर पर भी भेजी गई है।