Belgium court clears fugitive jeweller Mehul Choksi extradition | भगोड़े मेहुल चोकसी को भारत डिपोर्ट करने की मंजूरी: बेल्जियम कोर्ट का फैसला; पंजाब बैंक से ₹13,000 करोड़ के घोटाले का आरोप

Actionpunjab
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नई दिल्ली18 मिनट पहले

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बेल्जियम के एंटवर्प शहर की एक कोर्ट ने शुक्रवार को भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट ने माना कि भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर बेल्जियम पुलिस द्वारा की गई चोकसी की गिरफ्तारी वैध थी।

हालांकि, चोकसी को अब भी ऊपरी अदालत में अपील करने का अधिकार है। अगर वह अपील नहीं करता या अपील खारिज हो जाती है तो उसके भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बेल्जियम पुलिस ने भारतीय जांच एजेंसियों के प्रत्यर्पण की अपील पर 12 अप्रैल को पंजाब नेशनल बैंक से लोन धोखाधड़ी मामले में आरोपी मेहुल चोकसी को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जेल में है।

चोकसी पर 13,850 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप है। मेहुल पत्नी प्रीति चोकसी के साथ रह रहा था, जिन्हें बेल्जियम की नागरिकता मिली है। बेल्जियम के विदेश मंत्रालय ने ही चोकसी की मौजूदगी की जानकारी दी थी।

गिरफ्तारी के समय मेहुल चोकसी बेल्जियम से स्विट्जरलैंड भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने चोकसी को गिरफ्तार करते समय दो गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया था। ये मुंबई की एक अदालत ने 23 मई 2018 और 15 जून 2021 को जारी किए थे।

व्हीलचेयर पर बैठा मेहुल चोकसी। तस्वीर 4 जून 2021 को डोमिनिका के एक मजिस्ट्रेट कोर्ट की है।

व्हीलचेयर पर बैठा मेहुल चोकसी। तस्वीर 4 जून 2021 को डोमिनिका के एक मजिस्ट्रेट कोर्ट की है।

फरार होने का खतरा इसलिए बेल न दें

बेल्जियम अभियोजकों ने कोर्ट को यह भी बताया कि चोकसी अब भी फरार होने का खतरा है, इसलिए उसे जेल से रिहा नहीं किया जा सकता। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया- यह आदेश हमारे पक्ष में है। अदालत ने साफ कहा कि भारतीय अनुरोध पर बेल्जियम द्वारा की गई गिरफ्तारी कानूनी है। यह डिपोर्ट की दिशा में पहला बड़ा कदम है।

बेल्जियम में अभियोजन पक्ष को भारत के विदेश मंत्रालय और CBI के अधिकारियों ने पूरी मदद की। कोर्ट में उन्होंने चोकसी के अपराधों के सबूत पेश किए और बताया कि वह अपने भतीजा नीरव मोदी के साथ मिलकर PNB बैंक से करीब ₹13,850 करोड़ की धोखाधड़ी में शामिल था।

पत्नी की मदद से हासिल किया रेजिडेंसी कार्ड

चोकसी ने 15 नवंबर 2023 को बेल्जियम का ‘एफ रेजिडेंसी कार्ड’ हासिल किया था, जो कथित तौर पर उसकी बेल्जियन नागरिक पत्नी की मदद से प्राप्त किया गया था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चोकसी ने बेल्जियम अधिकारियों को फर्जी दस्तावेज सौंपे थे। उसने अपनी भारतीय और एंटीगुआ की नागरिकता छिपाकर गलत जानकारी दी, ताकि उसे भारत न भेजा जा सके।

2018 में भारत छोड़ने से पहले ही चोकसी ने 2017 में ही एंटीगुआ-बारबूडा की नागरिकता ले ली थी। चोकसी बार-बार खराब सेहत का हवाला देकर भारत में पेशी पर आने से इनकार करता रहा। कभी-कभी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही उसकी पेशी होती थी। भारत में उसकी कई संपत्तियां भी जब्त की जा चुकी हैं।

2021 में चोकसी को डोमिनिका में गिरफ्तार किया गया था। तब जेल से उसकी ये तस्वीर सामने आई थी। जेल में चोकसी ने अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया था।

2021 में चोकसी को डोमिनिका में गिरफ्तार किया गया था। तब जेल से उसकी ये तस्वीर सामने आई थी। जेल में चोकसी ने अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया था।

एंटीगुआ से डोमिनिका पहुंचा, जेल में 51 दिन रहा था

चोकसी मई 2021 में एंटीगुआ से पड़ोसी देश डोमिनिका पहुंच गया था। यहां उसे अरेस्ट कर लिया गया। CBI की एक टीम उसका प्रत्यर्पण कराने के लिए डोमिनिका पहुंची, लेकिन इसके पहले ही ब्रिटिश क्वीन की प्रिवी काउंसिल से उसे राहत मिल गई। बाद में उसे फिर एंटीगुआ के हवाले कर दिया गया।

हालांकि, डोमिनिका की जेल में मेहुल चोकसी को 51 दिन गुजारने पड़े थे। यहां उसने दलील दी थी कि वो एंटीगुआ जाकर वहां के एक न्यूरोलॉजिस्ट से ट्रीटमेंट कराना चाहता है। एंटीगुआ पहुंचने के कुछ दिन बाद डोमिनिका की अदालत ने चोकसी के खिलाफ दर्ज केस भी खारिज कर दिए।

मेहुल चोकसी को व्हीलचेयर पर बैठाती पुलिस। वह डोमिनिका के मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी के लिए जा रहा था। तस्वीर 4 जून, 2021 की है।

मेहुल चोकसी को व्हीलचेयर पर बैठाती पुलिस। वह डोमिनिका के मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेशी के लिए जा रहा था। तस्वीर 4 जून, 2021 की है।

व्हिसलब्लोअर बोले- चोकसी को वापस लाना आसान नहीं

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के व्हिसलब्लोअर हरिप्रसाद एसवी ने मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी पर कहा कि प्रत्यर्पण कोई आसाना काम नहीं है। उसका बटुआ भरा है। वह यूरोप के सबसे अच्छे वकीलों को हायर करेगा। जैसा कि विजय माल्या कर रहा है। इसलिए भारत के लिए उसे वापस लाना आसान नहीं है।

हरिप्रसाद ने कहा कि चोकसी भले ही वह एंटीगुआ में पकड़ा गया था, लेकिन वह वहां से भागने में कामयाब रहा क्योंकि उसके पास वकीलों का एक बड़ा दल था। भारत सरकार के लिए यह इतना आसान नहीं होगा, हालांकि मुझे उम्मीद है कि इस बार सरकार सफल होगी।

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