अधिकारियों का पुतला फूंकते हुए किसान
अमृतसर के भगता वाले स्थित दाना मंडी में किसानों के साथ हो रही कथित लूट-खसोट और सरकारी खरीद में धांधली को लेकर भारतीय किसान एकता सिद्धूपुर ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की अगुआई किसान नेता करमजीत सिंह नंगली ने की, जहां मार्केट कमेटी के अधिकारियो
.
किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में बीते 40 वर्षों से सरकारी खरीद नाममात्र की ही होती है, जबकि निजी व्यापारियों का वर्चस्व बना हुआ है। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल पाता और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
अमृतसर मंडी में किसान रोष
किसान संगठनों का कहना है कि मार्केट कमेटी के कुछ अधिकारी और आढ़ती मिलकर जानबूझकर सरकारी खरीद में रुकावट डाल रहे हैं और किसानों का शोषण कर रहे हैं।

किसानों की भारी भीड़
भारतीय किसान एकता सिद्धूपुर के नेता सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल ने भी मंडी का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने खुलासा किया कि वहां फसलों की ढेरियों की जांच नहीं की जाती, और पूरा अनाज एक तय दर पर मोगा, मुक्तसर जैसे इलाकों तक भेजा जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है।
किसानों का ऐलान
करमजीत सिंह नंगली ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द निष्पक्ष और व्यवस्थित सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसान सड़कों और रेलवे ट्रैकों पर उतरने को मजबूर होंगे।

पुलिस की मौजूदगी
किसानों ने पंजाब सरकार पर भी सवाल उठाए हैं कि वह अमृतसर की मंडियों में चल रही इस लूट पर चुप क्यों बैठी है। उनका कहना है कि जिन लोगों ने सरकार को वोट दिया, उनके हकों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। किसानों ने साफ कहा कि जब तक सरकारी खरीद में पारदर्शिता नहीं आती और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा दाम नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।