FIR registered in connection with Namaz in Shaniwarwada, Pune | पुणे के शनिवारवाड़ा में नमाज, FIR: हिंदू संगठनों ने शुद्धिकरण किया था, महाराष्ट्र के मंत्री बोले- हाजी अली में हनुमान चालीसा पढ़ना कैसा लगेगा

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पुणे6 घंटे पहले

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पुणे के शनिवारवाड़ा में महिलाओं के नमाज अदा करने का वीडियो वायरल हुआ था। रविवार को हिंदू संगठन के मेंबर्स ने वहां ‘शुद्धिकरण’ किया था। - Dainik Bhaskar

पुणे के शनिवारवाड़ा में महिलाओं के नमाज अदा करने का वीडियो वायरल हुआ था। रविवार को हिंदू संगठन के मेंबर्स ने वहां ‘शुद्धिकरण’ किया था।

पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा परिसर में तीन महिलाओं के नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में तीन अज्ञात महिलाओं के खिलाफ FIR दर्ज की है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 18 अक्टूबर दोपहर करीब 1:45 बजे की है। इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।

वीडियो सामने आने के बाद भाजपा की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी और हिंदू संगठनों के सदस्यों ने 19 अक्टूबर को शनिवारवाड़ा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उस स्थान पर ‘शुद्धिकरण पूजा’ भी की, जहां नमाज पढ़ी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने शनिवारवाड़ा परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है।

पुलिस ने बताया, FIR में हमने प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष (AMASR) नियम, 1959 (AMASR) नियमों के तहत धाराएं लगाई हैं।

घटना की दो तस्वीरें…

पुणे के शनिवारवाड़ा में महिलाओं के नमाज अदा करने का वीडियो वायरल हुआ था।

पुणे के शनिवारवाड़ा में महिलाओं के नमाज अदा करने का वीडियो वायरल हुआ था।

हिंदू संगठन के मेंबर्स ने रविवार को उस स्थान का शुद्धिकरण किया था।

हिंदू संगठन के मेंबर्स ने रविवार को उस स्थान का शुद्धिकरण किया था।

मंत्री राणे बोले- प्रार्थना केवल निर्धारित स्थानों पर ही की जाए

इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शनिवारवाड़ा हिंदू शौर्य का प्रतीक है और यह समुदाय की आस्था से जुड़ा हुआ स्थान है। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ या नमाज केवल निर्धारित स्थानों पर ही होना चाहिए। हिंदू कार्यकर्ताओं ने यदि आवाज उठाई है, तो वह उचित है।

पेशवा शक्ति का केंद्र था शनिवारवाड़ा

​​​शनिवारवाड़ा पेशवा बाजीराव का आधिकारिक निवास और पेशवा शक्ति का केंद्र था। इसका निर्माण पेशवा बाजीराव प्रथम ने 1736 में कराया था। यह 13 मंजिला महल था। 1828 में यहां आग लग गई जिसके बाद यह महल नष्ट हो गया अब सिर्फ खंडहर ही शेष है जो मराठों के गौरव का प्रतीक है। पेशवा बाजीराव प्रथम छत्रपति शाहूजी महाराज के प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म 1700 में हुआ था और 1740 में उनका निधन हो गया था। वे 1720 से 1740 तक छत्रपति शाहूजी महाराज के प्रधानमंत्री रहे थे।

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