Haryana Bhiwani Lady Teacher Manisha Death Case Cbi Team investigation | मनीषा डेथ मिस्ट्री, 75 दिन पहले हुई थी लापता: 52 दिनों से CBI जांच जारी, हत्या व आत्महत्या के बीच उलझी गुत्थी – Bhiwani News

Actionpunjab
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भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी करीब 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में सीबीआई की जांच जारी है। लेकिन अभी भी हत्या व आत्महत्या के बीच गुत्थी उलझी हुई है। हालांकि मनीषा के पिता के अनुसार सीबीआई मनीषा की मौत को आत्महत्या नहीं हत्या मान रही है

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मनीषा के घर पहुंची थी सीबीआई की गाड़ियां व इनसेट में मनीषा का फाइल फोटो

मनीषा के घर पहुंची थी सीबीआई की गाड़ियां व इनसेट में मनीषा का फाइल फोटो

बता दें की करीब 75 दिन पहले मनीषा 11 अगस्त को अपने घर से गांव सिंघानी स्थित प्ले स्कूल में गई थी। वहीं दोपहर के समय मनीषा स्कूल से ड्यूटी के बाद वहां से निकली। लेकिन घर वापस नहीं लौटी। मनीषा के पिता संजय के अनुसार उसकी बेटी प्ले स्कूल से निकलने के बाद सिंघानी के नर्सिंग कॉलेज में जाने की बात कहकर गई थी। लेकिन वापस नहीं लौटी। जब वह अपनी बेटी को खोजते हुए गया तो नर्सिंग कॉलेज वालों ने उनको कोई जानकारी नहीं दी।

मनीषा के पिता संजय

मनीषा के पिता संजय

पुलिस ने बताया था सुसाइड संजय ने कहा था कि उसने पुलिस को इसकी सूचना देकर वहां बुलाया। लेकिन पुलिस ने भी अच्छा व्यवहार नहीं किया। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। वहीं शव का भिवानी व रोहतक पीजीआई में 2 बार पोस्टमार्टम करवाया। जिसके बाद पुलिस ने मामले को सुसाइड बताया। पुलिस ने कहा कि मनीषा ने प्ले स्कूल से निकलने के बाद दुकान से स्प्रे खरीदी और खेतों में जाकर सुसाइड कर दिया।

भिवानी के रेस्ट हाउस में पहुंची सीबीआई की गाड़ियां

भिवानी के रेस्ट हाउस में पहुंची सीबीआई की गाड़ियां

3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी सीबीआई परिवार व लोग सुसाइड की बात से संतुष्ट नहीं हुए और सीबीआई को जांच सौंपने की मांग उठी। इसके बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई की जांच मंजूर कर ली। वहीं मनीषा के शव का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स से करवाया गया। सीबीआई की टीम 3 सितंबर को भिवानी पहुंची और जांच में जुट गई। करीब 52 दिनों से सीबीआई की टीम मनीषा मौत मामले की जांच में जुटी हुई है। मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए मनीषा के परिवार, प्ले स्कूल स्टॉफ, नर्सिंग कॉलेज स्टॉफ, शव को पहली बार देखने वाले चश्मदीद, खेत मालिक, दवा विक्रेता आदि से पूछताछ भी की।

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