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ठगों की आलीशान कोठी और पकड़े गए ठग
, लग्जरी कोठियों से मिली ठगी की दुनिया, 30 ठग गिरफ्तार इनमें 8 नाबालिग
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कभी विकास की दौड़ में पिछड़ेपन की मिसाल रहा डीग जिले का भीलमका गांव आज अजीब विरोधाभास का प्रतीक बन गया है। गांव की गलियों में कीचड़ और अंधेरा है, सड़कें अब भी कच्ची हैं, लेकिन इन गलियों के बीच खड़ी हैं तीन-तीन मंजिला आलीशान कोठियां। न पानी की नियमित व्यवस्था है, न रोशनी की, लेकिन हर घर के बाहर लग्जरी कारें खड़ी मिल जाएंगी। पुलिस दबिश से पहले बड़े साइबर ठग गांव से फरार हो चुके थे।
गांव की यह चमक-दमक मेहनत या नौकरी से नहीं, बल्कि साइबर ठगी के पैसों से खड़ी हुई है। कभी खेती और दिहाड़ी पर निर्भर रहने वाले कई युवा अब मोबाइल और लैपटॉप के जरिए देशभर में ठगी के जाल फैला चुके हैं। शुक्रवार तड़के सुबह 4 बजे डीग पुलिस ने गांव में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब चार घंटे चली इस कार्रवाई में 22 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 8 विधि से संघर्षरत किशोरों को निरुद्ध किया गया। पुलिस ने 28 मोबाइल, सैकड़ों सिम, एटीएम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। शिक्षा व बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद भीलमका में तेजी से आलीशान इमारतें खड़ी हो रही हैं। गांव की गलियों में घूमने पर पता चला कि किस तरह अनपढ़ और बेरोजगार युवाओं ने इंटरनेट को अपराध का जरिया बना लिया है।
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पुलिस के पहुंचने से पहले ही वंचित ठग फरार.. भीलमका गांव में 11 साइबर ठगी और आपराधिक मामलों में 60 से अधिक आरोपी वंचित हैं । पुलिस सर्च ऑपरेशन में इनमें से केवल 2 आरोपियों को पकड़ सकी। अन्य पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। इस मामले ने पुलिस की बीट प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबकि 30 आरोपी पकड़े हैं उनमें 28 आरोपी पहले से वंचित नहीं है वह नए अपराध में शामिल हैं। पुलिस के उच्च अधिकारियों को इस गंभीर पहले की जांच करनी चाहिए। जिससे पुलिस और ठगों के संबंधों का खुलासा हो सके।
“भीलमका और आसपास के साइबर ठगों का नेटवर्क चिन्हित कर लिया गया है। एक साथ कार्रवाई कर विभिन्न मामलों में वांछित अपराधियों सहित साइबर ठगों को सलाखों के पीछे डाला है। इनके द्वारा साइबर ठगी से अर्जित अचल और चल संपत्ति की भी जांच की जा रही है। नए कानून के तहत इस संपत्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई भी अपराधी अब सुरक्षित नहीं रहेगा, निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी है।” -ओम प्रकाश मीणा एसपी डीग।