पंजाब में बेअदबी पर मिले सजा-ए-मौत:सुखराज सिंह बोले- पाकिस्तान की तर्ज पर बने कानून, 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

Actionpunjab
3 Min Read




पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून बनाने को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार ने 13 अप्रैल 2026 को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र पर धार्मिक संगठनों की खास नजरें टिकी हुई हैं। विभिन्न संस्थाओं की ओर से ऐसी घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए कड़े दंड का प्रावधान करने की मांग की जा रही है। इस मामले में फरीदकोट के बरगाड़ी बेअदबी इंसाफ मोर्चा के कनवीनर सुखराज सिंह नियामीवाला ने सरकार से पाकिस्तान की तर्ज पर बेअदबी के आरोपी को मौत की सजा का प्रावधान करने की मांग रखी है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में फरीदकोट जिले के गांव बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की बेअदबी का मामला सामने आया था। पुलिस ने की थी फायरिंग इस घटना के बाद पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान फरीदकोट के गांव बहिबल कलां और कोटकपूरा में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग हुई थी, जिसमें दो सिख नौजवानों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इन घटनाओं के बाद तत्कालीन अकाली-BJP सरकार ने साल 2016 के दौरान विधानसभा में कड़े दंड के लिए प्रस्ताव पारित किया था। लेकिन उसे केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिल सकी। आम आदमी पार्टी ने भी सत्ता में आने से पहले बेअदबी के मामलों में सख्त कानून बनाने का वादा किया था। और अब राज्य सरकार ने बेअदबी पर कानून के लिए13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। साल 2015 की घटनाओं का अभी तक नहीं मिला इंसाफ-सुखराज सिंह नियामीवाला बहिबल कलां गोलीकांड के पीड़ित परिवार के सदस्य और बरगाड़ी इंसाफ मोर्चा के कनवीनर सुखराज सिंह नियामीवाला ने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर मौत की सजा का प्रावधान है, उसी तरह पंजाब में भी कठोर कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 24 घंटे में इंसाफ देने के वादे के साथ सत्ता में आई आप सरकार ने 4 साल बीत जाने के बावजूद बरगाड़ी बेअदबी और गोलीकांड के मामलों का न्याय नहीं दिया है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *