Samay Raina apologizes for mocking a blind newborn after 8 month of controversy | समय रैना ने नेत्रहीन का मजाक उड़ाने पर मांगी माफी: बर्थडे पोस्ट में कहा- शो से हुई तकलीफ के लिए गहरा अफसोस, आपकी ताकत हमारी प्रेरणा है

Actionpunjab
4 Min Read


18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

इंडियाज गॉट लेटेंट में पेरेंट्स पर अश्लील टिप्पणी किए जाने से हुए विवाद के अलावा समय रैना के खिलाफ स्टैंड अप कॉमेडी शो में एक नेत्रहीन नवजात का मजाक उड़ाने के भी आरोप लगे थे। फरवरी में हुए विवाद के बाद समय ने अब अपने बर्थडे के मौके पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।

समय रैना ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से स्टोरी पोस्ट कर लिखा है, “आज मेरा बर्थडे है, और सिर्फ अपनी खुशी मनाने के बजाय, मैं इस खास दिन का इस्तेमाल उन लोगों से माफी मांगने के लिए करना चाहता हूं जो दिव्यांग हैं।”

आगे समय ने लिखा है “हम, समय रैना, विपुल गोयल, सोनाली ठक्कर, निशांत तंवर और बलराज घोष, अपने शो से हुई तकलीफ के लिए गहरा अफसोस जताते हैं। आगे से हम और ज्यादा सावधान रहेंगे और समाज में दिव्यांग समुदाय द्वारा झेली जाने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता फैलाने की पूरी कोशिश करेंगे। आपकी ताकत हमें बेहतर बनने की प्रेरणा देती है।”

क्या है पूरा मामला?

फरवरी में आए इंडियाज गॉट लेटेंट शो के एपिसोड में रणवीर अलाहबादिया ने पेरेंट्स पर अश्लील कमेंट किया था, जिसके बाद उनके साथ-साथ शो से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। ये मामला चल ही रहा था कि एनजीओ ने समय रैना पर स्टैंड-अप कॉमेडी शो में स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी (SMA) से पीड़ित एक नेत्रहीन नवजात का मजाक उड़ाने का आरोप लगा दिया।

याचिका में फाउंडेशन ने कोर्ट को बताया था कि दस महीने पहले समय रैना ने दैट कॉमेडी क्लब में स्टैंडअप में कहा था- ‘देखो चैरिटी अच्छी बात है, करनी चाहिए। मैं एक चैरिटी देख रहा था, जिसमें एक दो महीने का बच्चा है, जिसे कुछ तो क्रेजी हो गया है। जिसके इलाज के लिए उसे 16 करोड़ रुपए का इंजेक्शन चाहिए।

समय ने शो में बैठी एक महिला से सवाल किया- मैम, आप बताइए, अगर आप वो मां होतीं और आपके बैंक में 16 करोड़ रुपए आ जाते। एक बार तो अपने पति को देखकर बोलती ना कि मंहगाई बढ़ रही है, क्योंकि कोई गांरटी नहीं है कि वो बच्चा उस इंजेक्शन के बाद भी बचेगा। मर भी सकता है। सोचो इंजेक्शन के बाद मर गया। उससे भी खराब सोचो कि 16 करोड़ के इंजेक्शन के बाद बच्चा बच गया, फिर बड़ा होकर बोले कि मैं पोएट बनना चाहता हूं।

फाउंडेशन की याचिका पर पहली सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कंटेंट को परेशान करने वाला बताया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था- हम इन आरोपों से सचमुच परेशान हैं, हम ऐसे मामलों को रिकॉर्ड में रखते हैं। संबंधित व्यक्तियों को शामिल करके उपाय सुझाएंगे, फिर हम देखेंगे।

बाद में ये कहते हुए समय रैना को इस मामले में राहत दी गई थी कि उन्हें अपनी पहचान और सोशल मीडिया फैन फॉलोविंग का इस्तेमाल दिव्यांग लोगों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए करना होगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *