अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवक।
कैथल में अमेरिका से डिपोर्ट किए गए युवा अभी तक मानसिक परेशानियों से नहीं उबर पाए हैं। हालात ये हैं कि कुछ युवकों को तो परिजनों ने अपने रिश्तेदारों के पास भेज दिया है। लाखों रुपए खर्च कर विदेश में कमाई करने की इच्छा लेकर गए युवाओं के हाथ केवल निराशा ह
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कुछ युवक तो ऐसे भी है जिन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और विदेश जाकर पैसे कमाने की सोची, लेकिन पैसे कमाना तो दूर, जो पास में था, वह भी लगाकर खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
तीन साल पहले इटली गया
ऐसी ही कहानी गांव जड़ौला के रहने वाले सुखबीर की है, जो 3 साल पहले इटली गया था। इटली में 1 साल रहा। परिजनों ने उसे इटली भेजने के लिए 17 लाख रुपए खर्च किए थे। परिजनों ने बताया कि वैसे तो सुखबीर मेक्सिको की दीवार को पार कर गया था, लेकिन उसके एक साथी के बैग में उसके दस्तावेज रह गए, जिनके आधार पर उसे वहां पकड़ लिया गया और कैंप में ले जाया गया।
परिजनों ने बताया कि वह कैंप में काफी परेशान था, समय पर खाना भी नहीं मिल पाता था। फोन पर बात होती रहती थी। छह महीने पहले ही उसकी माता का निधन हो गया था, जिसके संस्कार में भी वह शामिल नहीं हो पाया।
वह करनाल में फायर ब्रिगेड में कर्मचारी था। हालांकि उसे परिवार ने इटली भेजा था, लेकिन बाद में उसने अमेरिका जाने की ठानी। उसके दो बेटे भी हैं। वह 2 साल कैंप में ही रहा और अब उसे डिपोर्ट कर घर भेज दिया गया है।

अमेरिका से आने के बाद बातचीत करते हुए नरेश
नरेश से मिली 13 बोतल शराब
तारागढ़ के नरेश कुमार के मामले में पुलिस ने पड़ताल की तो पाया गया कि नरेश डंकी रूट से अमेरिका जाने से पहले कैथल में शराब तस्करी के एक केस में पकड़ा गया था। वह 13 बोतल शराब के साथ पकड़ा गया था। उसके बाद कोर्ट में पेशी पर नहीं गया था। किठाना चौकी इंचार्ज शमशेर सिंह ने बताया कि फिलहाल उसे छोड़ गया है। जैसे ही कोर्ट की ओर से आदेश या वारंट आते हैं, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
अमेरिका से डिपोर्ट किए जा रहे एक युवकों का भी वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि अभी तक यह पता लग नहीं लग पाया है कि यह किस जिले का है, लेकिन यह हरियाणा में ही किसी ने अमेरिका से वायरल किया है।