फैसल और उजमा का निकाह फरवरी 2023 में हुआ था।-फाइल फोटो
हरियाणा के गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय फैसल इदरीसी की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। परिवार का आरोप है कि फैसल की पत्नी उजमा के शादी से पहले किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध थे। फैसल की लाश मिलने से पहले, उजमा और उसके मामा आफताब ने उसे पीटा था। फैसल न
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8 जनवरी को फैसल का शव सेक्टर 37 में शनि मंदिर के पास मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि फैसल का पहले गला घोंटा गया, उसके दोनों हाथों की नसें काटीं, इसके बाद उसके चेहरे पर ईंट से वार किया गया। उसके हाथ-पैर बांधकर शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और मिट्टी और मलबे से ढक दिया गया। जब शव मिला तो उस पर कीड़े चल रहे थे।
सेक्टर 10 थाना पुलिस ने शादाब की शिकायत पर उजमा और उसके मामा आफताब के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया है। दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

मृतक फैसल और उसकी पत्नी उजमा की फाइल फोटो। फैसल की मौत के बाद से उजमा फरार है।
पहले जानिए कौन है फैसल और उजमा से कैसे शादी हुई….
- परिवार कानपुर में रहता है: फैसल का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के मीरपुर रेल बाजार का रहने वाला है। फिलहाल वह गुरुग्राम के राजीव चौक पर अपनी पत्नी उजमा के साथ रहता था। फैसला के पिता फरीद मजदूरी करते हैं और मां चुन्नी गृहिणी हैं। फैसल इनका इकलौता बेटा था।
- 2023 में उजमा से हुआ निकाह: फरवरी 2023 में फैसल और उजमा का निकाह हुआ। वे दोनों आपस में दूर की रिश्तेदारी में है। कानपुर में उनके घर की दूरी 500 मीटर है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ही उजमा परिवार से अलग होने के लिए फैसल से लड़ाई करने लगी। पहले ये कानपुर में किराए के मकान में रहे। इसके बाद दोनों गुरुग्राम आ गए। यहां फैसल डिलीवरी बॉय का काम करने लगा।

ये तस्वीर फैसल के निकाह से पहले की है। इसमें परिवार की महिलाएं भी खड़ी नजर आ रही हैं।
अब जानिए चचेरे भाई ने क्या आरोप लगाए….
- उजमा ने घर नाम कराने का दबाव बनाया: फैसल के चचेरे भाई शादाब ने बताया कि उजमा का शादी से पहले ही अफेयर था। शादी महज एक बहाना थी, क्योंकि शादी के कुछ दिन बाद ही उनके अलग होने की बातें शुरू हो गई थीं। 2-3 महीने बाद ही उजमा ने घर को अपने नाम कराने का दबाव बना कर विवाद बढ़ाया। इसके बाद फैसल को अपनी ससुराल से अलग कर दिया।
- 22 दिसंबर को फैसल को पीटा: शादाब ने बताया कि 22 दिसंबर 2025 को फैसल ने फोन पर बताया कि उजमा और मामू आफताब ने उसे बुरी तरह पीटा। घर में बंद करके ताला लगा दिया। इसके बाद से उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजनों ने जब उजमा और आफताब को कॉल किया तो वे गोल मोल जवाब देने लगे। 8 जनवरी को फैसल का शव मिला। पुलिस को उसकी जेब से एक पर्ची मिली थी, उस पर कानपुर का पता लिखा था।
- अवैध संबंध और लालच में हत्या की: चचेरे भाई ने आगे कहा कि अवैध संबंध, संपत्ति का लालच और प्लानिंग से फैसल की हत्या के पीछे के कारण थे, लेकिन पुलिस दूसरे एंगलों से भी जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक उजमा से सख्ती से पूछताछ नहीं की है। हत्या का सही समय अभी तक पता नहीं चल पाया है, और यह भी स्पष्ट नहीं है कि फैसल की हत्या में इन दोनों के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति शामिल था या नहीं।

फैसल इदरीसी शादी के कुछ टाइम बाद ही गुरुग्राम आकर रहने लगा था।-फाइल फोटो
समाजसेवा का शौक, कोरोना में ऑक्सीजन सिलेंडर ढोए शादाब ने बताया कि फैसल न केवल एक मेहनती युवक था, बल्कि उसे समाज सेवा का भी गहरा शौक था। कोरोना महामारी के भयावह दौर में जब लोग ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे थे, तब फैसल ने दिन-रात एक करके कई मरीजों की मदद की। उसने अपने स्तर पर ऑक्सीजन सिलेंडर जुटाए, उन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया और कई जिंदगियां बचाईं। कानपुर के मीरपुर रेल बाजार में लोग उसकी नेकदिली की मिसाल देते हैं।

कोरोना में फैसल ने ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाकर मरीजों की मदद की थी। (फाइल)
जांच अधिकारी बोले- पुलिस हर एंगल से जांच कर रही सेक्टर 10 थाने के जांच अधिकार संजय ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पत्नी उजमा और आफताब के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके साथ ही दूसरे एंगल पर भी जांच की जा रही है। अभी किसी को भी दोषी ठहराना जल्दबाजी होगा। फैसल मर्डर की मिस्ट्री जल्द ही सुलझा ली जाएगी।