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- After Killing His Brother, His Pregnant Sister in law Was Raped And Murdered.
राजकोट3 मिनट पहले
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पुलिस ने आश्रम के पीछे से जमीन खोदकर दंपत्ति और एक बच्चे का शव बाहर निकाला।
गुजरात के जूनागढ़ शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर शोभावदला गांव के खोडियार आश्रम में एक 15 साल के नाबालिग ने अपने भाई और प्रेग्नेंट भाभी की बेरहमी से हत्या कर दी। भाभी की हत्या से पहले उसने रेप भी किया था।
आरोपी ने महिला के पेट पर इतनी जोर से लात मारी कि उसका 6 महीने का बच्चा पेट से बाहर निकल गया। घटना 16 अक्टूबर को हुई, लेकिन इसका खुलासा 31 अक्टूबर, शुक्रवार को हुआ। आरोपी ने भाई-भाभी के शवों को नंगा कर घर में दफना दिया था।
उसने दोनों के कपड़ों में आग लगा दी और खून के धब्बे साफ कर दिए थे। उसकी मां ने बड़े बेटे और बहू का शव घर में दफनाने में उसकी मदद की थी। 31 अक्टूबर को पुलिस आश्रम गई। आश्रम के पीछे घर से पति-पत्नी और एक नवजात का शव बाहर निकाला।
पुलिस ने नाबालिग आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। मृतकों की पहचान शिवमगिरी (22 साल) और उसकी पत्नी, कंचन कुमारी (19) के रूप में की गई। शिवमगिरी इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। आरोपी आश्रम की देखभाल और गौशाला में गायों की सेवा करता था।

पुलिस ने बताया कि परिवार 28 सालों से शोभावदला गांव के पास खोडियार आश्रम में रह रहा था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उसे शराब की लत थी। इसके कारण घर में अक्सर लड़ाई-झगड़े होते थे। बड़ा भाई उसे बार-बार नशे की लत छोड़ने के लिए समझाता था, जिसके कारण आरोपी उससे नफरत करने लगा था।
बड़ा भाई आरोपी से उसके कमाए पैसे भी रख लेता था, जिसके चलते नाबालिग ने अपने भाई की हत्या करने का फैसला कर लिया। 16 अक्टूबर की सुबह जब बड़ा भाई सो रहा था। तभी आरोपी ने अपने उसके सिर पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया।
उसे तब तक पीटा, जब तक वह मर नहीं गया। इसके बाद वह भाभी को मारने के लिए गया। पति के चिल्लाने पर उसकी पत्नी कंचन घर में देखने गई, तो शिवम के सिर से खून बह रहा था। पत्नी को लगा कि आरोपी देवर उसे भी मार देगा, तो वह वह खुद को छोड़ने की विनती करने लगी। इसके बाद आरोपी ने उसका रेप किया। फिर उसके पेट पर घुटना रखकर उसका गला घोंट दिया।
पिता की कोरोना से मौत, मां साध्वी की तरह रहती थी पुलिस ने बताया कि आरोपी का परिवार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। वे 28 साल से शोभावदला गांव के पास खोडियार आश्रम में रहते थे। आरोपी के पिता की कोरोना से मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद मां विभाबेन साध्वी जैसा जीवन जी रही थीं।