थाना टिब्बा में ही चक्कर लगाते रहे परिजन
लुधियाना पुलिस के अफसरों ने एक नाबालिगा के घर से गायब होने के बाद उसे न तो ढूंढना और न ही इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई। यही नहीं पुलिस अफसरों ने इस केस में लापरवाही भी बरती। पुलिस अधिकारियों को ऐसा करना महंगा पड़ गया। कोर्ट ने लापरवाही बरतने पर पुलिस
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एडवोकेट राहुल ने माता पिता की तरफ से कोर्ट में याचिका दायर की। एडवोकेट राहुल ने बताया कि आईओ, एसएचओ टिब्बा, एसएचओ साइबर सेल और एसीपी लुधियाना ईस्ट की महीने की एक तिहाई सेलरी अटैच करने को कहा है। पुलिस कमिश्नर को इस मामले की जांच किसी सक्षम अधिकारी से करवाने और खुद सारे मामले पर नजर रखने को कहा है।
उन्होंने बताया कि अफसरों ने कोर्ट में सही तरीके से जवाब नहीं दिया। जिस पर कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। कोर्ट ने अब अफसरों को अगली तारीख छह नवंबर से पहले अपने अपने स्तर पर डिटेल रिपोर्ट देने को कहा है।
क्या था मामला
10 जुलाई को थाना टिब्बा में एक एफआईआर दर्ज हुई जिसमें न्यू शक्ति नगर की रहने वाली नाबालिगा के पिता ने कहा था कि उसकी बेटी को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपने निजी स्वार्थ के लिए अपनी हिरासत में रखा हे। नाबालिगा 6 जुलाई को गायब हो गई थी और उसके बाद पुलिस ने चार दिन बाद एफआईआर दर्ज की थी।

घर से जाते हुए नाबालिगा सीसीटीवी में कैद।
कोर्ट ने अफसरों से मांगी हैं ये रिपोर्ट
-दर्ज एफआईआर व उसमें लगी धाराएं
-एफआईआर दर्ज होने के बाद लिए गए बयानों की कॉपी
-नाबालिगा को ढूंढने के लिए की गई रेड, सर्च और अन्य प्रयासों की रिपोर्ट
-साइबर सेल की तरफ से उठाए टेक्निकल स्टेप और उसकी रिपोर्ट
-केस का प्रेजेंट स्टेटस और जांच के लिए तैयार किया गया प्लान
नााबलिगा के परिजनों ने बताई पूरी कहानी:
छह जुलाई को घर से गई थी नाबालिगा
नाबालिगा की मां ने बताया कि न्यू शक्ति नगर की रहने वाली नाबालिगा छह जुलाई को अपने घर से निकली। घर से जाते हुए वह अपना आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज व एक बैग में कपड़े लेकर निकली। माता-पिता उसे तीन दिन तक ढूंढते रहे और इसी दौरान उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने 10 जुलाई को थाना टिब्बा में केस दर्ज किया।
माता पिता ने बच्ची के जाते हुए के फुटेज दिए
नाबालिगा की मां ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद वो अपनी बच्ची को ढूंढने का प्रयास करते रहे। इस दौरान उनके हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगी जिसमें वह गली में पैदल जाती हुई दिखी। उन्होंने यह फुटेज भी पुलिस को दी। पुलिस ने उसके बाद भी कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया।
मां मोबाइल में चला रही थी छह इंस्टाग्राम की आईडी
नाबालिगा की मां ने बताया कि वो और उनके पति ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। उन्हें नहीं पता था कि बेटी मोबाइल पर क्या कर रही है। उन्हें बाद में पता चला कि उसके मोबाइल में इंस्टाग्राम की छह आईडी बनी हैं। मोबाइल लेकर वो पुलिस के पास गए और पुलिस से इसकी जांच करवाने को कहा। पुलिस ने उसकी जांच भी नहीं की और न ही साइबर सेल को जांच भेजी।

नाबालिगा की बनाई गई इंस्टाग्राम की आईडी की सूची
साइबर सेल को दी शिकायत उन्होंने भी नहीं की कार्रवाई
लड़की की मां ने बताया कि उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दी कि उनकी बेटी के नाम से छह इंस्टाग्राम की आईडी बनी हैं। उसे आईडी बनानी नहीं आती थी। उन्हें शक है किसी व्यक्ति ने ऑनलाइन संपर्क करके उसकी आईडी बनाई हैं। उन्हें शक है कि उन्हीं लोगों ने बेटी को छुपाकर रखा है। साइबर सेल ने भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सीपी व डीजीपी को भी दी शिकायत
एडवोकेट राहुल ने बताया कि थाना टिब्बा व साइबर सेल ने कार्रवाई नहीं की तो वो सीपी के पास पेश हुए और डीजीपी को भी शिकायत दी। सभी दस्तावेज शिकायत के साथ दिए फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो अपना कोर्ट का रास्ता
पुलिस ने नाबालिगा के गायब होने के चार दिन बाद उसके पिता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नाबालिगा को अवैध हिरासत में रखने का पर्चा दर्ज किया। माता-पिता थाने के चक्कर लगाने के बाद साइबर सेल में भी पेश हुए। सीपी के पास गए। डीजीपी को शिकायत भेजी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट का रास्ता अपनाया।
कोर्ट में भी जवाब देने में कर रहे थे लीपापोती
एडवोकेट राहुल ने बताया कि जब कहीं कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जांच अधिकारी सुरजन सिंह, थाना टिब्बा के एसएचओ को तलब किया लेकिन वो जवाब देने में लीपापोती करते रहे। साइबर सेल ने भी समय पर जवाब नहीं दिया। इस पर कोर्ट ने उनकी महीने की एक तिहाई सेलरी अटैच करने के आदेश दिए हैं।