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सिविल सर्जन डॉ. भारती धवन जानकारी देते हुए
पंजाब के अमृतसर से सेहत विभाग की ओर से वायु प्रदूषण पर एडवाइजरी जारी की गई है। सिविल सर्जन डॉ. भारती धवन के अनुसार, जैसे-जैसे मौसम ठंडा होता है, वायु की गुणवत्ता बिगड़ने लगती है। इसके अलावा, पराली जलाने और पटाखों के धुएं से वायु गुणवत्ता और भी खराब ह
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इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और फेफड़े या हृदय रोग से पीड़ित लोगों पर पड़ता है। ऐसे समय में खांसी, जुकाम, अस्थमा और दमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
सेहत विभाग की एडवाइजरी :
- बाहर लकड़ी, पत्ते, फसल के अवशेष या कचरा जलाने से बचें। इससे हवा और गंदी हो जाती है।
- पटाखे जलाने से बचें।
- ताजे फल और सब्जियां खाएं और पर्याप्त पानी पीते रहें। यह शरीर को प्रदूषण से लड़ने में मदद करता है।
- फेफड़े या हृदय के मरीज, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग प्रदूषित हवा से बचें।
- दिल की बीमारी वाले लोग अपनी दवाइयां पास रखें और लक्षण बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- जब वायु प्रदूषण बहुत खराब हो (AQI > 200), तो N95 या N99 मास्क पहनें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
- घर या कार में एयर कंडीशनर री-सर्कुलेशन मोड में चलाए ताकि बाहर की गंदी हवा अंदर न आए।
- सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू के अन्य सामान का सेवन बंद करें।
- बहुत खराब हवा वाले दिन खिडकियां बंद रखें ।
- प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक बस, रेल या कैब का इस्तेमाल करें।
- घर के अंदर मच्छर भगाने वाली कॉइल या अगरबत्ती जलाने से बचें।
- ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में व्यायाम न करें।
- सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।