Tirupati Laddu Prasad Scam CBI Case; Uttarakhand Dairy | Ghee Butter | तिरुपति लड्डू विवाद: उत्तराखंड की कंपनी ने 68 लाख किलो मिलावटी घी-मक्खन सप्लाई किया, ₹250 करोड़ कमाए

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नई दिल्ली13 मिनट पहले

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ब्लैकलिस्ट के बाद भी भोले बाबा डेयरी ने नकली घी सप्लाई जारी रखा। - Dainik Bhaskar

ब्लैकलिस्ट के बाद भी भोले बाबा डेयरी ने नकली घी सप्लाई जारी रखा।

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में मिलावटी प्रसाद मामले में नया खुलासा हुआ है। मंदिर में घी सप्लाई करने वाली उत्तराखंड की डेयरी ने 2019 से 2024 के बीच ₹250 करोड़ कीमत का 68 लाख किलो मिलावटी घी सप्लाई किया था।

सीबीआई और आंध्र प्रदेश फूड सेफ्टी विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ है। जांच के मुताबिक कंपनी के डेयरी वाले सभी डॉक्यूमेंट्स फर्जी हैं। इस कंपनी ने कभी भी न दूध खरीदा और न कभी मक्खन खरीदा फिर भी ये घी-मक्खन सप्लाई करती रही।

कंपनी के मालिक पम्मिल जैन और विपिन जैन ने घी प्रोडक्शन की फर्जी यूनिट बनाई थी। दूध-मक्खन खरीद के नकली बिल बनाए। मामले में एक और आरोपी अजय कुमार सुगंध ने भी पूछताछ में माना कि वह मोनोडिग्लिसराइड्स और एसेटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल सप्लाई करता था, जो मिलावटी घी बनाने में इस्तेमाल होते हैं।

TTD ने 2022 में शिकायतों के बाद भोले बाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट किया था। बाद में इसी ग्रुप ने दूसरी कंपनियों बनाईं और मंदिर में घी-मक्खन की सप्लाई जारी रही। इनमें वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) शामिल हैं।

घी में जानवरों की चर्बी की मिलावट

CBI और FSSAI की जांच में पता चला कि घी में जानवरों की चर्बी मिलाई गई थी। जुलाई 2024 में TTD ने AR डेयरी की चार टैंकर घी की खेप रिजेक्ट की, लेकिन ये टैंकर वापस लौटाने के बजाय वैष्णवी डेयरी के नाम पर ट्रांसफर कर दिए गए।

गुजरात की एक लैब की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि AR डेयरी के घी में मछली का तेल, बीफ टैलो और लार्ड मिलाया गया था, हालांकि लैब ने ‘फॉल्स पॉजिटिव’ का डिस्क्लेमर भी जोड़ा था।

घोटाले में हवाला और राजनीतिक आरोपों की जांच

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ₹50 लाख की राशि छुपा कर ट्रांसफर की गई। ये राशि YSR कांग्रेस के सांसद व पूर्व TTD अध्यक्ष वाईभी सुभा रेड्डी के निजी सहायक के चिन्नप्पन्ना को दी गई।

दिल्ली में दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन में ₹20 लाख एजेंट अमन गुप्ता से और बाकी राशि प्रीमियर एग्री फूड्स के अधिकारी विजय गुप्ता से मिली थी।

पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का दावा है कि जानवरों के चर्बी वाला घी पिछली सरकार (YSR कांग्रेस) के समय लड्डू में इस्तेमाल हुआ। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया जिसने स्पष्ट किया कि राजनीति और धर्म को मिलाना गलत है। कोर्ट ने जांच के लिए CBI, राज्य पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग की संयुक्त टीम बनाने का आदेश दिया।

अधिकारियों से पूछताछ जारी

लड्डू में मिलावट की खबर से श्रद्धालुओं में गुस्सा है। अब सवाल उठ रहे हैं कि इतने सालों तक TTD के आंतरिक ऑडिट और जांच तंत्र कैसे चूक गए। CBI मंदिर ट्रस्ट और आंध्र प्रदेश डेयरी डेवलपमेंट विभाग के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।​​​​​

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