नारनौल में बनवारे पर झूमती हुई महिलाएं
हरियाणा के नारनौल में गांव मित्रपुरा में एक सरकारी टीचर ने अपनी दो बेटियों की शादी पर ऐसा उदाहरण पेश किया, जो समाज में बेटियों के सम्मान की नई मिसाल बन गया। गांव के खोवाल परिवार ने अपनी दो बेटियों संजोग और निशा के बनवारे को पारंपरिक ढंग से नहीं, बल्क
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13 नवंबर को दोनों बेटियों की शादी धूमधाम से होगी, जिसकी बारात गांव मोहनपुर से आएगी दोनों लड़के प्राइवेट बैंकों में मैनेजर हैं। पिता सुरेश खोवाल ने कहा कि यह बनवारा बेटियों के सम्मान और समानता का प्रतीक है, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं।

नारनौल में बग्गी पर बैठी हुई दोनों बेटियां
बग्गी में बैठकर निकली गांव में
यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल था। परिजन, रिश्तेदार और परिचित सभी बेटियों के सम्मान में झूमते हुए नृत्य करते नजर आए। गांव की गलियों में जब दोनों बेटियां दुल्हन की तरह सजी हुई बग्गी पर बैठीं, तो हर किसी की नजरें ठहर गईं। लोग इस पहल की तारीफ करते नहीं थक रहे।

नारनौल में बग्गी पर बैठी हुई बेटियां
पढ़ा लिखा है परिवार
परिवार की पृष्ठभूमि भी प्रेरणादायक है दादा भुरूमल खोवाल बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं। चाचा सुनील खोवाल एडवोकेट हैं, विक्रम सिंह हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं, जबकि तीसरे भाई राजकुमार एक अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। बेटियों के पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं।

इन बेटियों की हो रही है शादी
दोनों बेटियां ग्रेजुएट
दोनों बेटियां ग्रेजुएट हैं और जिन लड़कों से उनकी शादी हो रही है, वे प्राइवेट बैंकों में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। गांव मित्रपुरा में बेटियों का यह अनोखा बनवारा चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि खोवाल परिवार की यह पहल समाज को बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ का सशक्त संदेश देती है।